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US: अमेरिका से पैसे भेजना भारतीयों को पड़ेगा महंगा, ट्रंप प्रशासन ने लगाया पांच फीसदी टैक्स

Fri, 16 May 2025 10:44 PM IST
बशु जैन बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Fri, 16 May 2025 10:44 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बिग प्रयोरिटी बिल’ में रेमिटेंस (धन प्रेषण) पर पांच फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है। यह ग्रीन कार्ड और एच1बी वीजा रखने वालों सहित चार करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा।

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Sending money from America will be expensive for Indians, Trump administration imposed five percent tax
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स

विस्तार

अमेरिका से अब घर पर पैसे भेजना भारतीयों को महंगा पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन ने विदेश में भेजे जाने वाले धन पर पांच फीसदी टैक्स लगा दिया है। एक अनुमान के मुताबिक इस टैक्स के कारण अमेरिका में रहने वाले भारतीयों पर सालाना 1.6 अरब डॉलर से अधिक का बोझ पड़ सकता है। यह अनुमानित राशि आरबीआई के हालिया लेख में प्रकाशित 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बिग प्रयोरिटी बिल’ में रेमिटेंस (धन प्रेषण) पर पांच फीसदी उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है। यह ग्रीन कार्ड और एच1बी वीजा रखने वालों सहित चार करोड़ से अधिक लोगों को प्रभावित करेगा। प्रस्तावित शुल्क अमेरिकी नागरिकों पर लागू नहीं होगा।
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आरबीआई के मार्च बुलेटिन के प्रकाशित लेख के मुताबिक, विदेश में रहने वाले भारतीयों ने 2023-24 में 118.7 अरब डॉलर की राशि भारत भेजी है। यह आंकड़ा 2010-11 में भेजे गए 55.6 अरब डॉलर से दोगुना है। भारत भेजी गई कुल राशि में अमेरिका की हिस्सेदारी 2023-24 में बढ़कर 27.7 फीसदी पहुंच गई, जबकि 2020-21 में यह 23.4 फीसदी रही थी। इस आधार पर अमेरिका में रहने वाले भारतीयों ने कुल 32.9 अरब डॉलर का राशि घर भेजी है। इसका पांच फीसदी 1.64 अरब डॉलर होगा।


दुनियाभर में लागत घटाने पर जोर
लेख के मुताबिक, रेमिटेंस से मिली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से परिवार के भरण-पोषण के लिए होता है। इसलिए, इसकी लागत बढ़ने का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव होता है। इस लागत को कम करना वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण नीतिगत एजेंडा रहा है।

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129 अरब डॉलर के साथ भारत सबसे आगे
विश्व बैंक के मुताबिक, भारत 2008 से ही रेमिटेंस प्राप्त करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर धन प्रेषण में भारत की हिस्सेदारी 2001 के 11 फीसदी से बढ़कर 2024 में करीब 14 फीसदी पहुंच गई है। 2024 में जिन पांच देशों में विदेश से सबसे ज्यादा धन आया, उनमें 129 अरब डॉलर के साथ भारत शीर्ष पर रहा। अन्य देशों में मेक्सिको (68 अरब डॉलर), चीन (48 अरब डॉलर), फिलिपीन (40 अरब डॉलर) और पाकिस्तान (33 अरब डॉलर) शामिल हैं।

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