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सेबी का बड़ा फैसला: खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद को दोबारा शुरू किया, एक अगस्त से होगा लागू
Fri, 19 Jun 2026 06:40 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई/आईएएनएस, नई दिल्ली
पीटीआई/आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Fri, 19 Jun 2026 06:40 PM IST
सार
बाजार नियामक सेबी के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को कई प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें शेयर बाजार के जरिए खुले बाजार से शेयर पुनर्खरीद को फिर शुरू करना, म्यूचुअल फंड के लिए इंट्रा-डे यानी कारोबार के दौरान उधारी मानकों में ढील और निवेशक की मृत्यु के बाद प्रतिभूतियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।
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सेबी।
- फोटो : एआई से निर्मित तस्वीर।
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विस्तार
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को अपनी बोर्ड बैठक में खुले बाजार में शेयर पुनर्खरीद को दोबारा से शुरू करने से प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नया सिस्टम एक अगस्त से लागू होगा। मौजूदा समय में कंपनियों को टेंडर ऑफर, ऑड-लॉट बायबैक और दूसरे स्ट्रक्चर्ड तरीकों के जरिए बायबैक करने की अनुमति है। इससे पहले खुले बाजार में शेयर पुनर्खरीद को पारदर्शिता और सामान्य निवेशकों को समान भागीदारी न मिलने के कारण बंद कर दिया गया था।
ओपन मार्केट बायबैक की समय-सीमा 60 दिन
खुले बाजार रूट से कंपनियां आम तौर पर एक तय समय में सीधे सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीद सकती हैं, जिससे उन्हें बायबैक का क्रियान्वन करने और समय चुनने में आसानी होती है। हालांकि, पहले से ही इसकी आलोचना भी होती रही है क्योंकि इसमें सभी शेयरधारकों की भागीदारी की गारंटी नहीं होती और कंपनियां बाजार की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। नई सिस्टम के तहत, ओपन मार्केट बायबैक की समय-सीमा 60 दिन होगी।
कंपनियां बायबैक का इस्तेमाल अक्सर शेयरधारकों को अतिरिक्त कैश लौटाने, प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) बेहतर करने और भविष्य की संभावनाओं के प्रति निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए एक टूल के तौर पर करती हैं। ओपन मार्केट रूट न होने से बायबैक करने के विकल्प सीमित हो गए थे, खासकर उन कंपनियों के लिए जो एक तय टेंडर ऑफर के बजाय समय के साथ धीरे-धीरे शेयर खरीदना चाहती थीं।
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नया ट्रेडिंग सिस्टम 1 सितंबर से लागू होगा
इसके अतिरिक्त, सेबी ने सोने और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के लिए एक नया ट्रेडिंग सिस्टम घोषित किया। यह सिस्टम 1 सितंबर से लागू होगा और इसका उद्देश्य प्राइस की सही डिस्कवरी, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
नियामक ने कहा कि इस नए सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईटीएफ की कीमतें उन एसेट्स की वैल्यू के करीब रहें जिन्हें वे ट्रैक करते हैं, और घरेलू कमोडिटी ईटीएफ की कीमतें ग्लोबल मार्केट के साथ बेहतर ढंग से मेल खाएं। नए नियमों के तहत, सोने और चांदी जैसे कमोडिटी ईटीएफ हर सेशन की शुरुआत 'प्री-ओपन कॉल ऑक्शन' के साथ करेंगे और 'डायनामिक प्राइस बैंड' के दायरे में ट्रेड करेंगे, ताकि ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में रात भर हुए बदलावों को तुरंत दिखाया जा सके।
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ओपन मार्केट बायबैक की समय-सीमा 60 दिन
खुले बाजार रूट से कंपनियां आम तौर पर एक तय समय में सीधे सेकेंडरी मार्केट से शेयर खरीद सकती हैं, जिससे उन्हें बायबैक का क्रियान्वन करने और समय चुनने में आसानी होती है। हालांकि, पहले से ही इसकी आलोचना भी होती रही है क्योंकि इसमें सभी शेयरधारकों की भागीदारी की गारंटी नहीं होती और कंपनियां बाजार की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। नई सिस्टम के तहत, ओपन मार्केट बायबैक की समय-सीमा 60 दिन होगी।
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कंपनियां बायबैक का इस्तेमाल अक्सर शेयरधारकों को अतिरिक्त कैश लौटाने, प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) बेहतर करने और भविष्य की संभावनाओं के प्रति निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए एक टूल के तौर पर करती हैं। ओपन मार्केट रूट न होने से बायबैक करने के विकल्प सीमित हो गए थे, खासकर उन कंपनियों के लिए जो एक तय टेंडर ऑफर के बजाय समय के साथ धीरे-धीरे शेयर खरीदना चाहती थीं।
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नया ट्रेडिंग सिस्टम 1 सितंबर से लागू होगा
इसके अतिरिक्त, सेबी ने सोने और चांदी के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के लिए एक नया ट्रेडिंग सिस्टम घोषित किया। यह सिस्टम 1 सितंबर से लागू होगा और इसका उद्देश्य प्राइस की सही डिस्कवरी, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करना है।
नियामक ने कहा कि इस नए सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईटीएफ की कीमतें उन एसेट्स की वैल्यू के करीब रहें जिन्हें वे ट्रैक करते हैं, और घरेलू कमोडिटी ईटीएफ की कीमतें ग्लोबल मार्केट के साथ बेहतर ढंग से मेल खाएं। नए नियमों के तहत, सोने और चांदी जैसे कमोडिटी ईटीएफ हर सेशन की शुरुआत 'प्री-ओपन कॉल ऑक्शन' के साथ करेंगे और 'डायनामिक प्राइस बैंड' के दायरे में ट्रेड करेंगे, ताकि ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में रात भर हुए बदलावों को तुरंत दिखाया जा सके।