फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   SEBI is examining MDR related concerns: says Tuhin Kant Pandey SEBI Chairman

MDR Related Concerns: एमडीआर संबंधी चिंताओं की जांच कर रहा है सेबी, बोले नियामक के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे

Thu, 17 Sep 2026 08:18 PM IST
Navita R Asthana बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Navita R Asthana Updated Thu, 17 Sep 2026 08:18 PM IST
सार

सेबी अध्यक्ष ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) के बारे में बोलते हुए कहा खुदरा निवेशकों लगातार हो रहा घाटा चिंता की बात है। इसमें हमने ट्रेडिंग व्यवहार पर शोध किए है और निष्कर्ष भी पेश किए हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

विज्ञापन
SEBI is examining MDR related concerns: says Tuhin Kant Pandey SEBI Chairman
तुहिन कांत पांडे, सेबी चेयरमैन - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने पूंजी बाजार और डिजिटल भुगतानों से जुड़े कई प्रमुख विषयों पर नियामक का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है। मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नियमों को लेकर स्टॉकब्रोकर्स और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) की परिचालन संबंधी चिंताओं को दूर करने का भरोसा दिलाया है। इसके साथ ही उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) में खुदरा निवेशकों के लगातार हो रहे घाटे, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आईपीओ, बॉन्ड टोकनाइजेशन और सशस्त्र बलों की वित्तीय सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

विज्ञापन


सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्टकचर एंड डेवलपमेंट के एक समारोह के दौरान कही। पांडे ने फंड रिफंड मैंडेट को लेकर उद्योग जगत की परेशानियों को चिंताओं को मानते हुए कहा, हमे लगता है कि इसमें कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं और हम इस पर निश्चित रूप से इस ध्यान देंगे और समस्याओं का समाधान भी करेंगे। 
विज्ञापन


वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) और एक्सचेंज द्वारा अपने ही प्लेटफॉर्म पर स्वयं सूचीबद्ध होना और व्यापार करने की अनुमति मांगने के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि मौजूदा समय में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, और न ही ऐसा कोई पत्र आया है और न ही इसकी जरूरत है। फिलहाल मुझे लगता है कि इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है, क्योंकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नियामक ने कॉर्पोरेट बॉन्ड टोकनाइजेंशन पहल के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका शुरुआती चरण चल रहा है और इसका विस्तार किया जाएगा। ये एक पायलेट प्रोजेक्ट है, जो पिछले सप्ताह शुरू किया गया था। हमने पहले भी कहा था कि, इसका दूसरा चरण भी शुरू होगा, जब हम द्वितीयक बाजार में व्यापार करने की क्षमता का विस्तार करे लेंगे। 

अनियंत्रित सट्टेबाजी पर नियंत्रण लगाने पर क्या बोले सेबी अध्यक्ष

सेबी अध्यक्ष ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शसं (एफ एंड ओ) के बारे में बोलते हुए कहा खुदरा निवेशकों लगातार हो रहा घाटा चिंता की बात है। इसमें हमने ट्रेडिंग व्यवहार पर शोध किए है और निष्कर्ष भी पेश किए हैं। जिसमें 3 से 4 वर्षों की ट्रेडिंग के बाद भी कई लोग लगातार घाटे में हैं। इसलिए हम लगातार कहते हैं, कि व्यक्तिगत व्यापारियों को डेरिवेटिव्स में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का मूल्यांकन करना जरूरी है। यदि वे उस बाजार के लिए तैयार नहीं है, तो उन्हें उस बाजार में निवेश नहीं करना चाहिए। क्योकि उन्हें इससे लगातार नुकसान हो रहा है।  पांडे ने कहा नियामक लगातार उपाय कर रहा है और अनियंत्रित सट्टेबाजी पर नियंत्रण लगाने और सुरक्षा के उपायों को मजबूत करने पर सेबी लगातार काम कर रहा है। 

अनुशासन के साथ निवेश करने की अपील

मुंबई में ही एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया' (एमएमएफआई) द्वारा आयोजित 'इन्वेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम'  में सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने लेह, लद्दाख में सेना के जवानों से भी एक अपील की कि वे निवेश के मामले में भी उसी अनुशासन, तैयारी और सतर्कता का पालन करें, जिसके साथ वे देश की सेवा करते हैं। इस कार्यक्रम में कमीशन प्राप्त अधिकारियों और जवानों सहित सेना के लगभग 500 कर्मियों ने हिस्सा लिया।

अपनी ड्यूटी की कठिन प्रकृति के कारण, सेना के जवानों के पास अक्सर अपने निजी फाइनेंस को मैनेज करने के लिए बहुत कम समय होता है। इस वजह से वे अनधिकृत निवेश योजनाओं, धोखाधड़ी वाले डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्रॉड और पक्का रिटर्न देने के भ्रामक वादों का आसानी से शिकार बन सकते हैं। सेबी अध्यक्ष सेना के अधिकारियों और जवानों कहा कि निवेश से जुड़े फैसले केवल अधिक रिटर्न की उम्मीद के आधार पर नहीं, बल्कि निवेशक की वित्तीय जरूरतों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जोखिम उठाने की क्षमता के हिसाब से लिए जाने चाहिए।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए, एमएमएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट एन. चलासानी ने कहा, एक विकसित भारत का निर्माण भारत की विकास यात्रा में हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से होता है। जहां हमारे सशस्त्र बलों के जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए समर्पित रहते हैं, वहीं यह भी उतना ही जरूरी है कि 2047 की ओर बढ़ते हुए उन्हें देश की आर्थिक यात्रा में शामिल होने और उसका लाभ उठाने का हर मौका मिले।



फाइनेंशियल लिटरेसी (वित्तीय साक्षरता) का मतलब केवल निवेश करना नहीं है; बल्कि इसका मतलब है जोखिम का प्रबंधन करना, लक्ष्यों के आधार पर योजना बनाना और अपनी मेहनत की कमाई को साइबर खतरों और अनधिकृत वित्तीय योजनाओं से बचाना।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed