फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Sebi Extends Debenture Trustees' Compliance Deadline to April 2027

नियामक: सेबी ने डिबेंचर ट्रस्टियों को राहत दी, अनुपालन की सीमा 2027 तक बढ़ाई गई; जानिए क्या अपडेट

Tue, 27 Oct 2026 07:42 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 27 Oct 2026 07:42 PM IST
सार

सेबी ने डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए नियामक दायरे से बाहर की गतिविधियों के अनुपालन की समय सीमा अप्रैल 2027 तक बढ़ाई। जानें क्यों मिली यह राहत और क्या हैं इसके मायने।

विज्ञापन
Sebi Extends Debenture Trustees' Compliance Deadline to April 2027
शेयर बाजार नियामक सेबी - फोटो : PTI

विस्तार

बाजार नियामक सेबी ने डिबेंचर ट्रस्टियों को बड़ी राहत दी है। नियामक ने अपने दायरे से बाहर की गतिविधियों से जुड़े नियमों के पालन की समय सीमा छह महीने बढ़ा दी है। अब डिबेंचर ट्रस्टी 27 अप्रैल, 2027 तक इन आवश्यकताओं का अनुपालन कर सकेंगे। यह निर्णय उद्योग की चुनौतियों और एक विशेषज्ञ कार्य समूह की समीक्षा के मद्देनजर लिया गया है।

विज्ञापन


सेबी (डिबेंचर ट्रस्टी) विनियम, 1993 के विनियमन 9C के तहत यह प्रावधान है। इसके अनुसार, वैध पंजीकरण प्रमाण पत्र रखने वाले डिबेंचर ट्रस्टियों को सेबी द्वारा विनियमित न होने वाली गतिविधियों को अलग व्यावसायिक इकाइयों में स्थानांतरित करना होता है। यह प्रावधान 27 अक्तूबर, 2025 को अधिसूचित संशोधनों के माध्यम से पेश किया गया था। इसका उद्देश्य डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए अनुमत गतिविधियों के दायरे पर स्पष्टता प्रदान करना था।
विज्ञापन


सेबी ने शुरुआत में अनुपालन के लिए छह महीने का समय दिया था। अप्रैल 2026 में, नियामक ने छह महीने का अतिरिक्त समय दिया, जिससे समय सीमा 27 अक्तूबर, 2026 तक बढ़ गई थी। यह विस्तार उद्योग के उन अभ्यावेदनों के बाद दिया गया था, जिनमें आवश्यक प्रणालियों और प्रक्रियाओं को स्थापित करने में परिचालन चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्यों बढ़ाई गई समय सीमा?

सेबी ने अपने नवीनतम परिपत्र में यह अतिरिक्त छह महीने का समय दिया है। यह विस्तार डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए नियामक ढांचे की व्यापक समीक्षा के कारण किया गया है। जून 2026 में एक विशेषज्ञ कार्य समूह (EWG) का गठन किया गया था। यह समूह इस नियामक ढांचे की समीक्षा कर रहा है। डिबेंचर ट्रस्टी संघों ने भी एसबीयू से संबंधित दिशानिर्देशों को लागू करने में चुनौतियों पर प्रकाश डाला था।

क्या है विशेषज्ञ कार्य समूह का काम?

यह कार्य समूह डिबेंचर ट्रस्टीशिप गतिविधियों पर लागू मौजूदा नियामक ढांचे की जांच कर रहा है। इसमें अलग व्यावसायिक इकाई (एसबीयू) ढांचे से संबंधित पहलू भी शामिल हैं। समूह अन्य प्रासंगिक मामलों पर भी विचार कर रहा है। इस व्यापक समीक्षा के चलते ही सेबी ने अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय देना उचित समझा। इसका उद्देश्य एक सुचारु और प्रभावी नियामक प्रणाली सुनिश्चित करना है।

डिबेंचर ट्रस्टियों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस विस्तार से डिबेंचर ट्रस्टियों को अपने गैर-नियामक कार्यों को अलग करने के लिए अधिक समय मिलेगा। उन्हें आवश्यक प्रणालियों और प्रक्रियाओं को स्थापित करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय उद्योग की चिंताओं को दूर करने और उन्हें पर्याप्त तैयारी का अवसर देने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे उन्हें सेबी के नियमों का बेहतर तरीके से पालन करने में सुविधा होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed