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म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों के लिए जरूरी खबर, SEBI ने बदला खरीद-बिक्री का समय
Wed, 21 Oct 2020 11:38 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 21 Oct 2020 11:38 AM IST
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- फोटो : pixabay
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बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड खरीदने व बेचने के कट-ऑफ टाइम को दोबारा दोपहर एक बजे से बढ़ा कर दोपहर तीन बजे तक कर दिया है। इससे पहले सेबी ने कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण के खतरे को देखते हुए म्यूचुअल फंड खरीदने और बेचने का मानक समय कम किया था। लेकिन अब फिर से पुराने समय को बहाल कर दिया गया है।
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सेबी ने यह निर्णय रिजर्व बैंक की तरफ से बांड बाजार के लिए कारोबार का समय घटाने के बाद लिया था। अब संशोधित समय की जानकारी म्यूचुअल फंड की संस्था एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एंफी) ने दी है। 19 अक्तूबर 2020 से यह फैसला लागू हो गया है।
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एंफी के चेयरमैन निलेश शाह ने कहा कि, 'इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट को खरीदना हो या बेचना हो, दोनों के लिए तीन बजे का समय बहाल हो गया है। सभी योजनाओं के सब्क्रिप्शन और रिडम्पशन का कट ऑफ टाइम फिर से तीन बजे हो गया है, सिर्फ उन फंड्स को छोड़कर जो डेट और कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स की कैटेगरी में आते हैं।
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क्या है कट-ऑफ टाइम?
मालूम हो कि यहां कट-ऑफ टाइम का मतलब है कि किसी तारीख को कितने बजे तक किए गए सौदों को उस तारीख का लेन-देन माना जाता है। एनएवी का आवंटन इस पर निर्भर करता है कि आपने फंड हाउस को पैसा और आवेदन कब किया है। म्यूचुअल फंड्स की दुनिया में इसे कट-ऑफ टाइम कहते हैं। आपको योजना की यूनिट्स का अलॉटमेंट उसी दिन या एक दिन पहले या उसके दूसरे दिन हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपने फंड हाउस को आवेदन और पैसा कब जमा किया है।