Biz Updates: 'फ्लैट पर कब्जे में देरी पर पूरी राशि घर खरीदारों को वापस करनी पड़ेगी', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एक डेवलपर को फ्लैट का कब्जा देने में देरी के लिए घर खरीदारों की ओर से भुगतान की गई पूरी राशि वापस करने का निर्देश दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एक डेवलपर को फ्लैट का कब्जा देने में देरी के लिए घर खरीदारों की ओर से भुगतान की गई पूरी राशि वापस करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति बीआर गवई और संदीप मेहता की पीठ ने एनसीडीआरसी द्वारा निर्धारित ब्याज दर को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया और कहा कि घर खरीदारों को उनकी कोई गलती न होने के बावजूद लंबे समय तक परेशान होना पड़ा।
तीन महीने के भीतर बकाया भुगतान
पीठ ने कहा "हमारे विचार में, आयोग को कम से कम, समझौते के खंड 7(बी) के मद्देनजर 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना चाहिए था। परिणामस्वरूप, अपील आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है। शिकायतकर्ताओं-अपीलकर्ताओं द्वारा जमा की गई पूरी राशि वापस करने के आयोग द्वारा दिए गए निर्देश को बरकरार रखा जाता है।" पीठ ने कहा कि इस मामले के तथ्य दिखाते हैं कि परियोजना में बेवजह देरी हुई और बिना किसी गलती के मकान खरीदारों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, अदालत ने कहा कि ब्याज के संबंध में निर्देश को इस सीमा तक संशोधित किया गया है कि इसे संबंधित जमा की तारीख से वापसी की तारीख तक 12 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से भुगतान किया जाएगा। पीठ ने कहा कि बकाया राशि इस निर्णय की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर चुकाई जाएगी।
16 साल पहले 3बीएचके फ्लैट बुक करने से जुड़ा है मामला
घर खरीदारों ने एनसीडीआरसी के 29 सितंबर, 2022 के आदेश को चुनौती दी है, जिसके द्वारा उसने शिकायत को आंशिक रूप से अनुमति दी है और प्रतिवादी मेसर्स पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड को संबंधित जमा की तारीख से वापसी की तारीख तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ राशि वापस करने का निर्देश दिया है। शिकायत के अनुसार, डेवलपर ने 2008 में यहां सुभाष नगर में 'पार्श्वनाथ पैरामाउंट' नामक एक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च किया था। घर खरीदारों ने परियोजना में एक 3बीएचके फ्लैट बुक किया और 15 जुलाई, 2008 को शुरुआती राशि के रूप में लगभग 16 लाख रुपये का भुगतान किया और भुगतान योजना के अनुसार शेष राशि का भुगतान किया।
जब कब्जा न मिलने पर खरीदारों ने एनसीडीआरसी का रुख किया
फ्लैट-खरीदार समझौते के अनुसार, फ्लैट का निर्माण उस विशेष टावर के निर्माण शुरू होने के 30 महीने की अवधि के भीतर पूरा हो जाना चाहिए था जिसमें फ्लैट स्थित था। हालांकि, समय पर भुगतान के बावजूद डेवलपर द्वारा अपेक्षित समय सीमा के भीतर फ्लैट का कब्जा सौंपने में विफल रहने पर, घर खरीदारों ने परियोजना की प्रगति के बारे में पूछताछ करने के लिए बिल्डर से संपर्क करने के कई प्रयास किए, लेकिन कोई ठोस अपडेट नहीं मिला। कब्जे में हो रही देरी से व्यथित होकर, घर खरीदारों ने एनसीडीआरसी का रुख किया, और वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार उनके द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि की वापसी के लिए प्रार्थना की, साथ ही फ्लैट बुकिंग की तारीख से भुगतान की तारीख तक 24 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज और साथ ही मुआवजा देने की भी मांग की।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपने कार्यों और 90 साल की यात्रा के बारे में गहन प्रस्तुति देने के लिए पांच-एपिसोड की वेब सीरीज की योजना बना रहा है। एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, वेब सीरीज लगभग तीन घंटे की होगी। इसका प्रत्येक एपिसोड 25-30 मिनट की अवधि का होगा। 1935 में स्थापित आरबीआई ने इस साल अप्रैल में 90 साल पूरे किए। आरबीआई के 90 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में वेब सीरीज के निर्माण और वितरण' के लिए ई-टेंडरिंग के जरिए बोलियां आमंत्रित की है। इस दस्तावेज में केंद्रीय बैंक ने कहा, "आरबीआई की 90 साल की यात्रा को याद करते हुए बैंक लगभग 25-30 मिनट के पांच एपिसोड की एक वेब सीरीज बनाने का इच्छुक है, जिसे राष्ट्रीय टीवी चैनलों और/या ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रसारित किया जा सके।"
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ट्वीट कर फेडएक्स के सीईओ राजेश सुब्रमण्यम के साथ व्यावहारिक बैठक की जानकारी दी। अदाणी ने बताया कि हमारे विश्व स्तरीय बंदरगाह और विशेष आर्थिक क्षेत्र को देखने के लिए फेडएक्स सीईओ की ओर से मुंद्रा की यात्रा करने की वे सराहना करते हैं। अदाणी समूह के मुखिया ने कहा कि डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से वैश्विक लॉजिस्टिक्स में क्रांति लाने वाली एक शीर्ष कंपनी के शीर्ष पर एक भारतीय को देखकर गर्व होता है। फेडकएक्स कॉरपोरेशन के अध्यक्ष और फेडएक्स के सीईओ राज सुब्रमण्यम का दृष्टिकोण वास्तव में प्रेरणादायक है। मैं भविष्य के सहयोग के लिए उत्साहित हूं।
Just had an insightful meeting with FedEx CEO Rajesh Subramaniam. Appreciate him visiting Mundra to see our world-class Port and Special Economic Zone. Proud to see an Indian at the helm of a top company revolutionizing global logistics through digital innovation.… pic.twitter.com/iurl6haqx5
— Gautam Adani (@gautam_adani) July 29, 2024
सीमा शुल्क नियमों के उल्लंघन पर जांच के बाद ही बैंक खाते जब्त करें अधिकारी
बायजू मामला: एनसीएलएटी जज ने सुनवाई से खुद को किया अलग
पहले बीसीसीआई के वकील के तौर पर काम कर चुके हैं न्यायाधीश शरद कुमार शर्मा
मामला अब एनसीएलएटी चेयरमैन न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष रखा जाएगा, जो मामले की सुनवाई के लिए एक अलग पीठ नियुक्त करेगी। दरअसल, यह मामला सोमवार को एनसीएलएटी की चेन्नई स्थित दो सदस्यीय पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था। पीठ में न्यायाधीश शरद कुमार शर्मा व न्यायाधीश जतिन्द्रनाथ स्वैन शामिल थे। न्यायाधीश शर्मा ने खुद को सुनवाई से अलग करते हुए कहा, वह अपनी नियुक्ति से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के वकील रह चुके हैं। इसलिए, वह इस आदेश के मुख्य लाभार्थी हैं और इस पर विचार नहीं कर सकते।
चालू वित्त वर्ष में 7.5 फीसदी तक रह सकती है वृद्धि दर
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सेबी ने निवेशकों के लिए पेश किया चैटबॉट सेवा
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों के लिए एआई आधारित बातचीत मंच ‘सेवा’ पेश किया। इस चैटबॉट सेवा के बीटा संस्करण में कई उपयोगी विशेषताएं शामिल हैं। उपयोगकर्ताओं से मिले सुझावों के आधार पर चैटबॉट में अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
चीनी कांच के दर्पण पर डंपिंग-रोधी शुल्क
व्यापार उपचार महानिदेशालय ने चीन में बने बिना फ्रेम वाले कांच के दर्पण पर पांच साल के लिए 234 डॉलर प्रति टन की दर से डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। घरेलू उद्योग को सस्ते आयात से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।