फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Rupay card holders can make regular e-commerce payments without CVV

RuPe Card: रुपे कार्डधारक अब सीवीवी के बिना भी कर सकेंगे भुगतान, जानें क्या होगी शर्त

Mon, 15 May 2023 05:59 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 15 May 2023 05:59 PM IST
सार

RuPe Card: एनपीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस नए सीवीवी-रहित प्रणाली में यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्डधारक को अपने वॉलेट तक पहुंचने या किसी कार्ड का विवरण याद रखने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा तभी होगा, जबकि उन्होंने ई-कॉमर्स विक्रेता के मंच पर अपने कार्ड को टोकन किया हो।

विज्ञापन
Rupay card holders can make regular e-commerce payments without CVV
NPCI Real Time Payment Dispute Resolution - फोटो : Istock

विस्तार

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने सोमवार को बताया है कि रुपे ने अब अपने डेबिट, क्रेडिट के लिए सीवीवी (कार्ड सत्यापन मूल्य) के बिना भुगतान का विकल्प शुरू किया है। निगम ने बताया कि यह सुविधा उन प्रीपेड कार्डधारकों को दी जाएगी, जिन्होंने विक्रेता के ऐप या वेबपेज पर अपने कार्ड को टोकन कर रखा है।

विज्ञापन

कार्डधारक को अपने कार्ड का विवरण याद रखने की नहीं होगी जरूरत

एनपीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस नए सीवीवी-रहित प्रणाली में यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्डधारक को अपने वॉलेट तक पहुंचने या किसी कार्ड का विवरण याद रखने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा तभी होगा, जबकि उन्होंने ई-कॉमर्स विक्रेता के मंच पर अपने कार्ड को टोकन किया हो।

विज्ञापन

आरबीआई की टोकन व्यवस्था लेन-देन के लिहाज से मानी जाती है सुरक्षित 

टोकन व्यवस्था के तहत कार्ड के वास्तविक ब्योरे की जगह कूट संख्या यानी टोकन नंबर का उपयोग किया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक की यह व्यवस्था लेन-देन के लिहाज से सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें लेन-देन के समय कार्ड का वास्तविक ब्योरा व्यापारियों के साथ साझा नहीं किया जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन


बीमा उद्योग का प्रीमियम होगा 3 लाख करोड़ रुपये
रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 तक देश की बीमा कंपनियों का कुल प्रीमियम बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। यह मार्च, 2023 तक 2.40 लाख करोड़ रुपये था। सोमवार को जारी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा कि निजी बीमा कंपनियों का संयुक्त अनुपात में सुधार हो सकता है। एजेंसी के अनुसार, निजी बीमा कंपनियों का इक्विटी पर रिटर्न 2024-25 तक 11.2 से 12.8 फीसदी हो सकता है। 2025 तक यह 13.9 फीसदी तक होने का अनुमान है। इक्रा ने कहा कि तीन सरकारी कंपनियों को कम से कम 175 अरब तक की पूंजी की जरूरत होगी। इन कंपनियों का सॉल्वेंसी अनुपात नियामक की जरूरत के 1.50% से कम है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed