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अपना पैसा: बचत के 50-30-20 नियम से बजट बनाने में मिलेगी मदद, कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में काफी कारगर
Mon, 11 Nov 2024 05:12 AM IST
शुभम कुमार
कालीचरण, अमर उजाला
कालीचरण, अमर उजाला
Published by: शुभम कुमार
Updated Mon, 11 Nov 2024 05:12 AM IST
सार
यह नियम आपकी कमाई, खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाने में मददगार साबित होगा। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने अपनी पुस्तक 'ऑल योर वर्थ: द अल्टीमेट लाइफटाइम मनी प्लान' में 50-30-20 नियम का जिक्र किया है। इसके मुताबिक, आप कर भुगतान के बाद बची कमाई से होने वाले खर्चों को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं।
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50-30-20 नियम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों के हासिल करने के लिए अपनी कमाई के अनुसार बजट बनाना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। इससे पता चलता है कि आप अपनी कमाई का कितना हिस्सा खर्च करते हैं और कितनी रकम बचाते हैं। बचत से आपकी वित्तीय सेहत का भी पता चलता है। इसके लिए खर्च और बचत के नियम 50-30-20 को समझना आवश्यक है।
जरूरतों पर कमाई का 50% करें खर्च
नियम के मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा जरूरी चीजों पर खर्च करना चाहिए। 30 फीसदी हिस्सा लग्जरी या इच्छाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। 20 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल बचत या कर्ज चुकाने में किया जाना चाहिए।
ऐसे समझें...
मान लीजिए, आपकी मासिक कमाई 80,000 रुपये है। इसे 50-30-20 नियम के मुताबिक तीन हिस्सों में बांट लें। 50 फीसदी हिस्से यानी 40,000 रुपये को घर के जरूरी खर्चों के लिए अलग रख दें। जरूरी खर्चों में होम लोन की मासिक किस्त, बच्चों की स्कूल फी, किराना, स्वास्थ्य बीमा आदि शामिल हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।
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इन बातों का भी रखें ध्यान
अपनी गाढ़ी कमाई को निवेश करते समय विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही योजनाओं का चुनाव करें। महामारी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा आदि जरूर कराएं। अपने बाद परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टर्म बीमा लें। इसके अलावा, अच्छा पेंशन प्लान जरूर लें, जो बुढ़ापे में आपकी वित्तीय चिंता को दूर करे।
पहले बचत पर दें जोर, फिर करें खर्च
बेहतर वित्तीय सेहत के लिए इस नियम को एक व्यापक गाइडलाइन मान सकते हैं। यह नियम सरल होने के साथ काफी चुनौतीपूर्ण है। इस नियम से यह भी पता चलता है कि हर व्यक्ति को पहले बचत करनी चाहिए और इसके बाद ही खर्च करनी चाहिए। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो बचत करने की आदत डालना चाहते हैं। -बलवंत जैन निवेश एवं टैक्स सलाहकार
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जरूरतों पर कमाई का 50% करें खर्च
नियम के मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा जरूरी चीजों पर खर्च करना चाहिए। 30 फीसदी हिस्सा लग्जरी या इच्छाओं पर खर्च किया जाना चाहिए। 20 फीसदी हिस्से का इस्तेमाल बचत या कर्ज चुकाने में किया जाना चाहिए।
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ऐसे समझें...
मान लीजिए, आपकी मासिक कमाई 80,000 रुपये है। इसे 50-30-20 नियम के मुताबिक तीन हिस्सों में बांट लें। 50 फीसदी हिस्से यानी 40,000 रुपये को घर के जरूरी खर्चों के लिए अलग रख दें। जरूरी खर्चों में होम लोन की मासिक किस्त, बच्चों की स्कूल फी, किराना, स्वास्थ्य बीमा आदि शामिल हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।
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- अधिकतम 30 फीसदी यानी 24,000 रुपये का इस्तेमाल इच्छाओं की पूर्ति या लग्जरी के लिए करें। इन खर्चों में बढ़िया रेस्तरां में भोजन करना और नए गैजेट खरीदना आदि शामिल है।
- कमाई के 20 फीसदी हिस्से यानी 16,000 रुपये की मासिक बचत जरूर करनी चाहिए।
इन बातों का भी रखें ध्यान
अपनी गाढ़ी कमाई को निवेश करते समय विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही योजनाओं का चुनाव करें। महामारी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा आदि जरूर कराएं। अपने बाद परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए टर्म बीमा लें। इसके अलावा, अच्छा पेंशन प्लान जरूर लें, जो बुढ़ापे में आपकी वित्तीय चिंता को दूर करे।
पहले बचत पर दें जोर, फिर करें खर्च
बेहतर वित्तीय सेहत के लिए इस नियम को एक व्यापक गाइडलाइन मान सकते हैं। यह नियम सरल होने के साथ काफी चुनौतीपूर्ण है। इस नियम से यह भी पता चलता है कि हर व्यक्ति को पहले बचत करनी चाहिए और इसके बाद ही खर्च करनी चाहिए। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो बचत करने की आदत डालना चाहते हैं। -बलवंत जैन निवेश एवं टैक्स सलाहकार