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Rice Price Rise : बांग्लादेश में चावल की किल्लत का असर भारत पर, पांच दिन में 10% तक बढ़े दाम  

Mon, 27 Jun 2022 11:12 AM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Mon, 27 Jun 2022 11:12 AM IST
सार

22 जून को बांग्लादेश सरकार की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 31 अक्टूबर तक नॉन बासमती राइस आयात करने की मंजूरी दी जा रही है। बांग्लादेश सरकार ने चावल के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैरिफ 62.5 फीसदी से घटाकर सिर्फ 25 फीसदी कर दिया है। 

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Rice Price Rise: Effect of rice shortage in Bangladesh on India, prices increased by 10% in five days
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

Rice Price India: भारतीय बाजारों में पिछले पांच दिनों में चावल की कीमतों में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गयी है। पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश से आने वाले चावल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय बाजारों में चावल की कीमतों में आई इस बढ़ोतरी का कारण हमारा पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश है। दरअसल, हमारा पड़ोसी देश बांग्लादेश आमतौर पर अपनी चावल की जरुरतों को भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार से चावल खरीदकर पूरा करता है। फिलहाल इन तीनों राज्यों में चावल की कीमतों में हाल के कुछ दिनों में 20 फीसदी तक की तेजी देखी गयी है। देश के दूसरे हिस्से में भी इन राज्यों में चावल का भाव बढ़ने से अछूते नहीं हैं, भारतीय बाजार में चावल की कीमतों में 10 फीसदी तक की तेजी आ गयी है। 

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खबरों के मुताबिक बांग्लादेश में इन दिनों चावल की किल्लत हो गई है, ऐसे में वहां चावल महंगा होता जा रहा है। बांग्लादेशी सरकार ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए भारत से चावल आयात बढ़ाने के लिए ड्यूटी कम करने का फैसला लिया है। 22 जून को बांग्लादेश सरकार की ओर से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 31 अक्टूबर तक नॉन बासमती राइस आयात करने की मंजूरी दी जा रही है। बांग्लादेश सरकार ने चावल के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी और टैरिफ 62.5 फीसदी से घटाकर सिर्फ 25 फीसदी कर दिया है। 
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आपको बता दें कि बांग्लादेश ने पहली बार भारत से इतनी जल्दी चावल खरीदने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश को डर है कि भारत घरेलू बाजार में महंगाई पर लगाम लगाए रखने के लिए चावल के निर्यात को प्रतिबंधित कर सकता है। सामान्य तौर पर बांग्लादेश सितंबर या अक्टूबर के महीने में चावल का आयात करता है।
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खबरें हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत की ओर से गेहूं के निर्यात पर पाबंदी लगाए जाने के बाद बांग्लादेश में अनाज की किल्लत हो गई है। बांग्लादेश के कई इलाके वर्तमान समय में बाढ़ क चपेट में है, इससे वहां धान की खेती प्रभावित हुई है। खबरों के मुताबिक इस मामले में राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट बीवी कृष्णा राव ने कहा है कि पिछले 5 दिनों में भारत में गैर बासमती चावल के भाव 350 डॉलर प्रति टन से बढ़कर $360 प्रति टन पर पहुंच गए है। बाजार में आई यह तेजी बांग्लादेश से आयात खुलने की खबरों के बाद आयी है। बांग्लादेश में गेहूं के भाव भी लगातार बढ़ रहे हैं, इससे वहां आटा बहुत महंगा हो गया है। इस परिस्थिति में बांग्लादेश ने अपने लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए चावल का जल्द से जल्द आयात करने का फैसला किया है।

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