फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   retail inflation in october touches a new record of 4.62 percent, breaks 15 month record

16 महीने के सर्वोच्च स्तर पर पहुंची महंगाई दर, प्याज-टमाटर की कीमतें रहीं वजह

Wed, 13 Nov 2019 06:38 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Wed, 13 Nov 2019 06:38 PM IST
विज्ञापन
retail inflation in october touches a new record of 4.62 percent, breaks 15 month record

प्याज, टमाटर सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से अक्तूबर में खुदरा मूल्य आधारित महंगाई (सीपीआई) के मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। इस महीने में सीपीआई बढ़कर 4.62 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई। जुलाई, 2018 के बाद ऐसा पहली बार है, जब रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4 फीसदी के मध्यावधि लक्ष्य से ऊपर सीपीआई पहुंची है। वहीं सितंबर, 2019 में यह 3.99 फीसदी और अक्तूबर, 2018 में यह 3.38 फीसदी के स्तर पर रही थी।

विज्ञापन


सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाद्य बास्केट में शामिल उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी रही जिसमें अक्तूबर, 2019 में 7.89 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सितंबर, 2019 में यह आंकड़ा 5.11 फीसदी रहा था।
विज्ञापन


अक्तूबर में सब्जियों की कीमतों में 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पिछले महीने यह आंकड़ा 15.4 फीसदी रहा था। वहीं दालों की कीमतों में 11.72 फीसदी की बढ़त रही, जबकि सितंबर में यह 8.4 फीसदी महंगी हुई थीं। अक्तूबर में अनाज की महंगाई 2.16 फीसदी रही, जबकि सितंबर में यह 1.66 फीसदी रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


महंगाई में भले ही बढ़ोतरी रही हो, लेकिन आईआईपी जैसे मैक्रोइकोनॉमिक डाटा में में कमजोरी से अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेतों के चलते आरबीआई के दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख दरों में कटौती को टालने की उम्मीद कम ही है। आरबीआई वर्तमान कैलेंडर वर्ष में पांच बार में रेपो दर 1.35 फीसदी घटाकर 5.15 फीसदी कर चुका है।

100 रुपये प्रति किलो के स्तर पर प्याज

हाल में महाराष्ट्र जैसे प्याज उत्पादक राज्यों से आपूर्ति बाधित होने से इस सब्जी की कीमत कई शहरों में 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई थीं। हालांकि हाल में दिल्ली सहित कई शहरों में जमाखोरों पर हुई छापेमारी के बाद प्याज की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है।



इससे पहले सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध, स्थानीय कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लगाने के बाद कीमतों को थामने के लिए इसके आयात का फैसला भी किया था। सरकार ने एक लाख टन प्याज के आयात का फैसला भी लिया है। इस क्रम में एमएमटीसी ने हाल में 4,000 टन प्याज के आयात के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed