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झटका : कोरोना के बीच बढ़ी लोगों की मुश्किलें, खुदरा महंगाई दर पहुंची 5.52 फीसदी पर
Mon, 12 Apr 2021 09:19 PM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 12 Apr 2021 09:19 PM IST
सार
- सरकार के आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 5.52 फीसदी रही
- फरवरी महीने में खुदरा महंगाई दर 5.03 फीसदी रही थी
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महंगाई ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
विस्तार
कोरोना महामारी के बीच महंगाई भी लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। दरअसल सोमवार को सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर 5.52 फीसदी रही। फरवरी महीने में यह 5.03 फीसदी रही थी।
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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 4.94 फीसदी पर पहुंच गई। इससे पिछले महीने यह 3.87 फीसदी थी। इसी तरह ईंधन और प्रकाश श्रेणी की मुद्रास्फीति 4.50 फीसदी रही, जो फरवरी में 3.53 फीसदी पर थी।
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इससे पहले इसी महीने भारतीय रिजर्व बैंक ने जनवरी-मार्च 2020-21 की तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति पांच फीसदी पर रहने का अनुमान लगाया था। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में यह 5.2 फीसदी के स्तर पर रहेगी।
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जून से नवंबर, 2020 तक खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के चार फीसदी (दो फीसदी ऊपर या नीचे) के लक्ष्य के ऊपरी स्तर छह फीसदी से अधिक रही थी। दिसंबर, 2020 में इसमें गिरावट आई थी। उसके बाद जनवरी, 2021 में यह और घटकर 4.1 फीसदी पर आ गई थी। हालांकि, फरवरी में आधार प्रभाव की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति पांच फीसदी हो गई।
रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समीक्षा निर्धारित करते समय खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है। रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को चार फीसदी (दो फीसदी ऊपर या नीचे के दायरे के साथ) पर रखने का लक्ष्य मिला हुआ है।मुद्रास्फीतिक चिंताओं के बीच केंद्रीय बैंक ने पिछली मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया।