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RBI: ऋण मुहैया कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगा ये प्लेटफॉर्म
Thu, 17 Aug 2023 04:33 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 17 Aug 2023 04:33 PM IST
सार
Reserve Bank of India: डिजिटलीकरण में तेजी से प्रगति के साथ, भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की अवधारणा को अपनाया है। यहां बैंकों, एनबीएफसी, फिनटेक कंपनियों और स्टार्ट-अप को भुगतान, क्रेडिट व अन्य वित्तीय गतिविधियों में अभिनव समाधान तैयार करने और आम लोगों को मुहैया कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
- फोटो : Social media
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बिना किसी परेशानी के ऋण मुहैया कराने के लिए एक पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म विकसित करने घोषणा की है। इस प्लेटफॉर्म को रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (आरबीआईएच) की ओर से विकसित किया जा रहा है, जो आरबीआई की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। 10 अगस्त, 2023 को जारी विकासात्मक और नियामक नीतियों से संबंधित बयान के तहत केंद्रीय बैंक ने यह घोषणा की है।
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डिजिटलीकरण में तेजी से प्रगति के साथ, भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की अवधारणा को अपनाया है। यहां बैंकों, एनबीएफसी, फिनटेक कंपनियों और स्टार्ट-अप को भुगतान, क्रेडिट व अन्य वित्तीय गतिविधियों में अभिनव समाधान तैयार करने और आम लोगों को मुहैया कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। डिजिटल क्रेडिट डिलीवरी के लिए, क्रेडिट मूल्यांकन के लिए जरूरी डेटा केंद्र और राज्य सरकारों, खाता एग्रीगेटर्स, बैंकों, क्रेडिट सूचना कंपनियों, डिजिटल पहचान प्राधिकरणों आदि विभिन्न संस्थाओं के पास उपलब्ध हैं। हालांकि, वे अलग-अलग प्रणालियों में हैं, जो नियम-आधारित आसान ऋण मुहैया करने और समय पर उसका वितरण सुनिश्चित करने में अड़चन पैदा करते हैं।
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पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म उधारदाताओं को आवश्यक डिजिटल जानकारी के निर्बाध प्रवाह की सुविधा प्रदान करके आसान क्रेडिट की डिलीवरी सक्षम करेगा। एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म एक ओपन आर्किटेक्चर, ओपन एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) और मानकों पर आधारित होगा जिससे सभी वित्तीय क्षेत्र के घटक 'प्लग एंड प्ले' मॉडल में निर्बाध रूप से जुड़ सकेंगे। प्लेटफॉर्म को सूचना प्रदाताओं तक पहुंच और उपयोग के मामलों एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाना है। यह लागत में कमी, त्वरित संवितरण और स्केलेबिलिटी के संदर्भ में ऋण देने की प्रक्रिया में दक्षता लाएगा।
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पायलट प्रोजेक्ट के दौरान, यह प्लेटफॉर्म प्रति उधारकर्ता 1.6 लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, डेयरी ऋण, एमएसएमई ऋण (कोलैटेरल के बिना), व्यक्तिगत ऋण और भाग लेने वाले बैंकों के माध्यम से होम लोन जैसे उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
यह प्लेटफॉर्म आधार ई-केवाईसी, राज्य सरकारों (मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) के भूमि रिकॉर्ड, उपग्रह डेटा, पैन सत्यापन, लिप्यंतरण, आधार ई-हस्ताक्षर, खाता एग्रीगेटर्स (एए) की ओर से खाता एकत्रीकरण, चुनिंदा डेयरी सहकारी समितियों से दूध डालने वाले डेटा, घर/संपत्ति खोज डेटा आदि जैसी सेवाओं के साथ लिंक करने में सक्षम होगा। पायलट परियोजना के दौरान सीखों के आधार पर अधिक उत्पादों, सूचना प्रदाताओं और उधारदाताओं को शामिल करने के लिए दायरे और कवरेज का विस्तार किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्लेटफॉर्म को 17 अगस्त, 2023 को शुरू करने की योजना है।