{"_id":"6471b20b9c694922f706ef54","slug":"reserve-bank-of-india-imposes-rs-84-50-lakh-penalty-on-central-bank-of-india-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI: आरबीआई ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 84.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जानें क्यों हुई कार्रवाई","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
RBI: आरबीआई ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 84.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जानें क्यों हुई कार्रवाई
Sat, 27 May 2023 01:02 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 27 May 2023 01:02 PM IST
सार
Reserve Bank of India: आरबीआई ने बैंक को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा था कि निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाए।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने धोखाधड़ी वर्गीकरण और रिपोर्टिंग से संबंधित मानदंडों के कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (बैंक) पर 84.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने 31 मार्च, 2021 तक बैंक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में बैंक के पर्यवेक्षी मूल्यांकन के तहत निरीक्षण किया था।
विज्ञापन
रिपोर्टों की जांच से पता चला कि सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक संयुक्त ऋणदाता फोरम (जेएलएफ) की ओर से खातों को धोखाधड़ी घोषित करने के फैसले के सात दिनों के भीतर आरबीआई को धोखाधड़ी के रूप में रिपोर्ट करने में विफल रहा था। इसने अपने ग्राहकों से एसएमएस अलर्ट शुल्क वास्तविक उपयोग के आधार के बजाय फ्लैट आधार पर वसूला था।
विज्ञापन
आरबीआई ने बैंक को नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा था कि निर्देशों का पालन करने में विफल रहने पर उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए। केंद्रीय बैंक ने कहा, 'नोटिस पर बैंक के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आरबीआई के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप की पुष्टि होती है और मौद्रिक जुर्माना लगाया जाना जरूरी है।
विज्ञापन
हालांकि, आरबीआई ने कहा कि जुर्माना नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक की ओर से अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है।