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Artificial Intelligence: एआई क्षेत्र में 2027 तक मिलेंगी 23 लाख नौकरियां, 10 लाख पेशेवरों की होगी कमी

Tue, 11 Mar 2025 04:52 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 11 Mar 2025 04:52 AM IST
सार

बेन एंड कंपनी ने नई रिपोर्ट में कहा, भारत का एआई क्षेत्र 2027 तक 23 लाख नौकरियों के अवसरों से आगे निकल सकता है। हालांकि, उस समय तक एआई कुशल पेशेवरों की संख्या करीब 12 लाख ही रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि देश को 10 लाख से अधिक पेशेवरों को नए सिरे से सक्षम बनाना होगा।

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Report: 23 lakh jobs will be available in Artificial Intelligence sector by 2027
एआई तकनीक। - फोटो : free pic

विस्तार

भारत समेत दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र में भारी संख्या में नौकरियां मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एआई को अपनाने वाली कंपनियों को कुशल पेशेवरों की कमी से जूझना पड़ रहा है। भारत में अगले दो साल में यानी 2027 तक एआई क्षेत्र में 23 लाख से ज्यादा लोगों की जरूरत होगी। हालांकि, देश को 10 लाख से अधिक कुशल पेशेवरों की कमी से जूझना पड़ सकता है।  

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बेन एंड कंपनी ने नई रिपोर्ट में कहा, भारत का एआई क्षेत्र 2027 तक 23 लाख नौकरियों के अवसरों से आगे निकल सकता है। हालांकि, उस समय तक एआई कुशल पेशेवरों की संख्या करीब 12 लाख ही रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि देश को 10 लाख से अधिक पेशेवरों को नए सिरे से सक्षम बनाना होगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है, एआई विशेषज्ञता की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत को मौजूदा प्रतिभाओं को फिर से प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें बेहतर कौशल से लैस करना होगा। इससे न सिर्फ कुशल पेशेवरों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि एआई को अपनाने में भी तेजी आएगी।
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वैश्विक केंद्र बनने की राह पर भारत
भारत में बैन एंड कंपनी के साझेदार सैकत बनर्जी ने कहा, भारत के पास वैश्विक एआई प्रतिभा केंद्र के रूप में स्थापित करने का एक अनूठा अवसर है।  सैकत ने कहा, 2027 तक एआई क्षेत्र में नौकरियों के अवसर प्रतिभा की उपलब्धता के मुकाबले 1.5-2.0 गुना होने की उम्मीद है।

आकर्षक वेतन के बावजूद नहीं मिल रहे कुशल कर्मचारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में 2019 के बाद से एआई से जुड़ी नौकरियों में उछाल आया है। यह हर साल 21 फीसदी की दर से बढ़ रही है। इस अवधि में एआई पेशेवरों का वेतन भी सालाना 11 फीसदी बढ़ा है। हालांकि, मांग में तेजी और आकर्षक वेतन के बावजूद योग्य एआई पेशेवरों की आपूर्ति में इजाफा नहीं हुआ है। इससे दुनियाभर में प्रतिभाओं के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है, जिससे एआई को अपनाने की रफ्तार धीमी होती जा रही है। सैकत ने कहा, एआई पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इसमें कंपनियों को भर्ती के पारंपरिक तौर-तरीकों से हटकर देखने और आंतरिक प्रतिभा को विकसित करने के लिए निरंतर कौशल विकास पहल को प्राथमिकता देनी होगी। 

अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन में भी कुशल कर्मचारियों का संकट
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि अमेरिका में 2027 तक दो में से एक एआई नौकरी का पद खाली रह सकता है। अगले दो वर्षों में अमेरिका में एआई नौकरी की मांग 13 लाख से अधिक हो सकती है, जबकि आपूर्ति 6.45 लाख से कम होने का अनुमान है। यानी अमेरिका में सात लाख कर्मचारियों को कौशल प्रदान करने की जरूरत होगी।

जर्मनी : एआई प्रतिभाओं की सबसे अधिक कमी
जर्मनी में एआई प्रतिभाओं की सबसे अधिक कमी आ सकती है, जहां 2027 तक एआई से जुड़ीं करीब 70 फीसदी नौकरियां खाली रह जाएंगी। 2027 में 1.90 से 2.19 लाख नौकरियों के लिए सिर्फ 62,000 एआई पेशेवर उपलब्ध होंगे। 


ब्रिटेन में एक 1.5 लाख लोगों की जरूरत
ब्रिटेन में 2027 में 2.55 लाख एआई नौकरियों के लिए केवल 1.05 लाख कर्मचारी उपलब्ध होंगे। ऑस्ट्रेलिया में भी 60,000 से अधिक एआई पेशेवरों की कमी की आशंका है।

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