{"_id":"62902350cdda7615994a407b","slug":"repo-rate-may-increase-by-0-50-percent-in-june-barclays-said-rbi-may-increase-inflation-estimate","type":"story","status":"publish","title_hn":"Repo rate: जून में 0.50 फीसदी बढ़ सकती है रेपो दर, बार्कलेज ने कहा- महंगाई अनुमान बढ़ा सकता है आरबीआई","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Repo rate: जून में 0.50 फीसदी बढ़ सकती है रेपो दर, बार्कलेज ने कहा- महंगाई अनुमान बढ़ा सकता है आरबीआई
Fri, 27 May 2022 06:33 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 27 May 2022 06:33 AM IST
सार
ब्रिटिश ब्रोकरेज हाउस बार्कलेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि जून की बैठक में रेपो दर बढ़ाने के साथ केंद्रीय बैंक महंगाई के अपने अनुमान की भी समीक्षा कर सकता है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई की दर 6.2 से 6.5 फीसदी के बीच रह सकती है।
विज्ञापन
आरबीआई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महंगाई पर काबू पाने के लिए दुनियाभर के अन्य केंद्रीय बैंकों की तरह आरबीआई भी ब्याज दरें बढ़ा रहा है। जून में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में केंद्रीय बैंक रेपो दर में 0.50 फीसदी इजाफा कर सकता है। इससे होम-ऑटो लोन जैसे विभिन्न प्रकार कर्ज और महंगे हो जाएंगे।
विज्ञापन
ब्रिटिश ब्रोकरेज हाउस बार्कलेज ने एक रिपोर्ट में कहा कि जून की बैठक में रेपो दर बढ़ाने के साथ केंद्रीय बैंक महंगाई के अपने अनुमान की भी समीक्षा कर सकता है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई की दर 6.2 से 6.5 फीसदी के बीच रह सकती है। हालांकि, यह दर अब भी उसके 6 फीसदी के ऊपरी दायरे से ज्यादा है। ब्रोकरेज हाउस ने रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई और अन्य चुनौतियों को देखते हुए आरबीआई वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अपने अनुमान को भी 7.2 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर सकता है।
विज्ञापन
4.90 फीसदी तक जा सकती है रेपो दर
बार्कलेज ने कहा कि हमारा मानना है कि आरबीआई जून में रेपो दर को 4.90 फीसदी तक कर सकता है। 6 सदस्यों वाली मौद्रिक नीति समिति रेपो दर बढ़ाने के पक्ष में होगी। इसके साथ नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी 50 बीपीएस की बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे बैंकिंग प्रणाली में तरलता कम हो जाएगी। इससे करीब 87 हजार करोड़ रुपये बाहर निकल जाएंगे। मई में भी केंद्रीय बैंक ने सीआरआर में आधा फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
विज्ञापन
महंगाई पर काबू पाना बड़ी चुनौती
बार्कलेज के अर्थशास्त्री राहुल बजोरिया ने कहा कि मई में चौंकाने वाली समीक्षा में आरबीआई ने 0.40 फीसदी वृद्धि की थी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास भी कह चुके हैं कि जून में एक और बढ़ोतरी हो सकती है। बजोरिया ने कहा, उनकी यह गणना ऊंची महंगाई पर आधारित है, जिस पर काबू पाना आरबीआई के लिए बड़ी चुनौती है।