फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Remittances to India surged to USD 33.2 billion in Q1 of current FY26, up Y-o-Y from USD 28.6 billion: Crisil

Crisil Report: वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 33.2 अरब डॉलर पहुंचा रेमिटेंस, सेवा निर्यात में भी वृद्धि

Wed, 03 Sep 2025 10:36 AM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 03 Sep 2025 10:36 AM IST
सार

Crisil Report: वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारत को 33.2 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला और सेवा निर्यात 97.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। चालू खाता घाटा घटकर 2.4 अरब डॉलर रह गया। रेमिटेंस का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा विदेश से अपने देश में या एक जगह से दूसरी जगह पैसे भेजना है।

विज्ञापन
Remittances to India surged to USD 33.2 billion in Q1 of current FY26, up Y-o-Y from USD 28.6 billion: Crisil
भारत में आया अरबों डॉलर का रेमिटेंस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में विदेश से भारत को भेजा गया रेमिटेंस 33.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 28.6 अरब डॉलर था। क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रेमिटेंस का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा विदेश से अपने देश में या एक जगह से दूसरी जगह पैसे भेजना है।

विज्ञापन


रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सेवा निर्यात भी बढ़कर 97.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही में 88.5 अरब डॉलर था। क्रिसिल ने कहा, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में सेवा निर्यात 97.4 अरब डॉलर रहा, जबकि रेमिटेंस 33.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में उठा-पटक जारी
विज्ञापन
विज्ञापन


इसमें बताया गया है कि चालू खाता घाटा भी घटकर 2.4 अरब डॉलर रह गया, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल 0.2 फीसदी है। पिछले साल इसी तिमाही में यह घाटा 8.6 अरब डॉलर था, जो जीडीपी का 0.9 फीसदी था। 

पहली तिमाही में भारत में वित्तीय प्रवाह सकारात्मक रहा और 13.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो चालू खाता घाटे से ज्यादा था। इसकी वजह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हुई। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल से कम रहा, क्योंकि इस बार विदेशी कंपनियों और प्रवासी भारतीयों की ओर से कम निवेश हुआ।   


विदेश कंपनियों ने इस बार भारत में ज्यादा निवेश किया और एफडीआई बढ़कर 27.2 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल 23.9 अरब डॉलर था।लेकिन भारत से बाहर 22.2 अरब डॉलर चला गया, जो पिछले साल 17.7 अरब डॉलर था।  विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) बढ़कर 1.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल 0.9 अरब डॉलर था। एफपीआई में इक्विटी निवेश 5.4 अरब डॉलर का हुआ, जबकि पिछले साल इसमें एक अरब डॉलर की निकासी हुई थी।

ये भी पढ़ें: भारत ने तांबे पर 50 फीसदी टैरिफ को लेकर अमेरिका से मांगा परामर्श, जल्द बातचीत होने की उम्मीद

इस बार कर्ज (डेट सेगमेंट) से जुड़े निवेश में 2.9 अरब डॉलर की निकासी हुई, जबकि पिछले साल इसी समय 1.9 अरब डॉलर भारत में आया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी तिमाही में इक्विटी में निकासी और कर्ज वाले निवेश (डेट) में प्रवाह देखा जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed