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GST: जून 2023 में हुआ रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन, 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ मिले 1.61 लाख करोड़ रुपये
Sat, 01 Jul 2023 03:57 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 01 Jul 2023 03:57 PM IST
सार
जून 2023 में कुल 1,61,497 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। इसमें बीते साल जून के मुकाबले 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जून 2023 में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन हुआ है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि जून 2023 में कुल 1,61,497 करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ है। इसमें बीते साल जून के मुकाबले 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि देश में जीएसटी लागू होने के बाद चौथी बार है जब जीएसटी कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपए के पार गया है। मई में यह 1,57,090 करोड़ रुपये था। जीएसटी एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था।
1.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बना था अप्रैल में
इस साल अप्रैल में अब तक का रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ का संग्रह रहा है। मार्च में 1.60 लाख करोड़ और अप्रैल, 2022 में 1.68 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया, यह लगातार 16वां महीना है, जब जीएसटी संग्रह 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
जीएसटी में लगातार हो रही बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की पहली तिमाही में औसत मासिक जीएसटी कलेक्शन क्रमशः 1.10 लाख करोड़, 1.51 लाख करोड़ और 1.69 लाख करोड़ रुपए रहा। इससे साफ है कि जीएसटी कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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38,292 करोड़ रहा एसजीएसटी
जून के कुल संग्रह में 31,013 करोड़ रुपये केंद्र के हिस्से (सीजीएसटी), 38,292 करोड़ राज्यों के (एसजीएसटी) और 80,292 करोड़ रुपये आईजीएसटी के हिस्से में मिले हैं। आईजीएसटी में 39,035 करोड़ रुपये वस्तुओं के आयात से मिले हैं। आईजीएसटी में से 36,224 करोड़ केंद्र और 30,269 करोड़ रुपये राज्यों के हिस्से में गए हैं।
छोटे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जीएसटी तेजी से बढ़ा : लक्षद्वीप में सर्वाधिक 3,316%, नगालैंड में 136%, मिजोरम में 114%, मणिपुर में 56%, अंडमान निकोबार में 61% और अरुणाचल प्रदेश में 55%।
सरकारी बैंकों का मुनाफा 9 साल में तीन गुना बढ़ा
नई दिल्ली। पिछले 9 वर्षों में सरकारी बैंकों का मुनाफा तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014 में इन बैंकों का मुनाफा 36,270 करोड़ था। केंद्र सरकार के किए गए उपायों के चलते ऐसा संभव हुआ है। उम्मीद है कि इससे चालू वित्त वर्ष में बैंकों का फंसा कर्ज भी 3.8 फीसदी के निचले स्तर पर आ जाएगा।
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1.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बना था अप्रैल में
इस साल अप्रैल में अब तक का रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ का संग्रह रहा है। मार्च में 1.60 लाख करोड़ और अप्रैल, 2022 में 1.68 लाख करोड़ रुपये का संग्रह हुआ। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को बताया, यह लगातार 16वां महीना है, जब जीएसटी संग्रह 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
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जीएसटी में लगातार हो रही बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की पहली तिमाही में औसत मासिक जीएसटी कलेक्शन क्रमशः 1.10 लाख करोड़, 1.51 लाख करोड़ और 1.69 लाख करोड़ रुपए रहा। इससे साफ है कि जीएसटी कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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38,292 करोड़ रहा एसजीएसटी
जून के कुल संग्रह में 31,013 करोड़ रुपये केंद्र के हिस्से (सीजीएसटी), 38,292 करोड़ राज्यों के (एसजीएसटी) और 80,292 करोड़ रुपये आईजीएसटी के हिस्से में मिले हैं। आईजीएसटी में 39,035 करोड़ रुपये वस्तुओं के आयात से मिले हैं। आईजीएसटी में से 36,224 करोड़ केंद्र और 30,269 करोड़ रुपये राज्यों के हिस्से में गए हैं।
छोटे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जीएसटी तेजी से बढ़ा : लक्षद्वीप में सर्वाधिक 3,316%, नगालैंड में 136%, मिजोरम में 114%, मणिपुर में 56%, अंडमान निकोबार में 61% और अरुणाचल प्रदेश में 55%।
सरकारी बैंकों का मुनाफा 9 साल में तीन गुना बढ़ा
नई दिल्ली। पिछले 9 वर्षों में सरकारी बैंकों का मुनाफा तीन गुना बढ़कर 1.04 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014 में इन बैंकों का मुनाफा 36,270 करोड़ था। केंद्र सरकार के किए गए उपायों के चलते ऐसा संभव हुआ है। उम्मीद है कि इससे चालू वित्त वर्ष में बैंकों का फंसा कर्ज भी 3.8 फीसदी के निचले स्तर पर आ जाएगा।