{"_id":"68931dd4bf30dbbc2902eb33","slug":"real-estate-will-get-a-boost-in-the-festive-season-experts-expect-relief-from-rbi-decision-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"MPC: त्योहारी सीजन में रियल एस्टेट को मिलेगी रफ्तार, RBI के फैसले पर विशेषज्ञों को राहत की उम्मीद","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
MPC: त्योहारी सीजन में रियल एस्टेट को मिलेगी रफ्तार, RBI के फैसले पर विशेषज्ञों को राहत की उम्मीद
Wed, 06 Aug 2025 02:48 PM IST
रिया दुबे
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रिया दुबे
Updated Wed, 06 Aug 2025 02:48 PM IST
सार
आरबीआई ने ब्याज दरों को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस फैसले से त्योहारी सीजन में आवास की मांग में वृद्धि होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के ब्याज दरों को तटस्थ रखने के फैसले से त्योहारी सीजन में आवास की मांग बढ़ेगी। आरबीआई ने रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर बरकरार रहने का फैसला किया है। यह निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए लिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Share Market: RBI के सतर्क रुख से बाजार पर दबाव, ब्याज दर से जुड़े सेक्टरों के शेयर में बिकवाली
विज्ञापन
रियल एस्टेट के लिए स्थिरता का संकेत
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के अध्यक्ष एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि खासतौर से रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए, यह स्थिरता का संकेत है। यह डेवलपर्स और घर खरीदारों के लिए दीर्घकालिक पूर्वानुमान प्रदान करता है। आने वाले त्योहारी सीजन और सीमित मुद्रास्फीति से बाजार की गति को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी दबावों को झेलने में सक्ष्म
वहीं जेएलएल इंडिया में मुख्य अर्थशास्त्री और अनुसंधान एवं आरईआईएस प्रमुख, सामंतक दास ने कहा कि यह फैसला एक पारंपरिक "प्रतीक्षा करो और देखो" वाला कदम है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अर्थव्यवस्था की मौजूदा दिशा में स्थिरता और विश्वास का संकेत देता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत की अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है कि वह बाहरी दबावों को बिना किसी तत्काल हस्तक्षेप के झेल सकती है। दास ने कहा कि ब्याज दरों को स्थिर रखने से अर्थव्यवस्था को स्वाभाविक गति से बढ़ने में मदद मिलेगी और मौद्रिक छुट पर अत्यधिक निर्भरता नहीं बनानी पड़ेगी।
रियल एस्टेट में हो रही उथल-पुथल
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने इस क्षेत्र के हालिया प्रदर्शन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार उथल- पुथल का सामना कर रहा है। ट्रंप द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत नए टैरिफ और देश के प्रमुख महानगरों में 20 प्रतिशत की गिरावट के साथ आवास बिक्री में भारी कमी आई है, इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है।
2025 की दूसरी तिमाही में केवल 96,285 घर बिके
एनारॉक के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की दूसरी तिमाही में केवल 96,285 घर बिके, जबकि एक साल पहले यह संख्या 120,335 थी। पुरी ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती से संघर्षरत किफायती आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। वहीं शेयर बाजार के विशेषज्ञ इस कदम को रणनीतिक लचीलेपन के रूप में देखते हैं।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच संतुलन जरूरी
पीएल कैपिटल के अर्थशास्त्री अर्श मोगरे ने कहा कि अब कोई भी नई ढील केवल आंकड़ों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार में कटौती, घरेलू मांग में नरमी और रुपये की दिशा जैसे जोखिमों के संतुलन पर भी निर्भर करेगी। मोगरे के अनुसार आरबीआई के इस फैसले से नीति की विश्वसनीयता और लचीलापन दोनों सुरक्षित रहेने की उम्मीद हैं। यह भी दर्शाता है कि हम एक अनिश्चित वैश्विक माहौल में हैं और ऐसे समय में यह संतुलित कदम है। यह नीति न सिर्फ मौजूदा हालात के लिए उपयुक्त है बल्कि आगे स्थिति बिगड़ने पर जरूरी कदम उठाने की गुंजाइश भी छोड़ती है।
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन