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RBI: आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों पर लिया बड़ा फैसला, गोल्ड लोन की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख की गई

Fri, 06 Oct 2023 12:06 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 06 Oct 2023 12:06 PM IST
सार

‘बुलेट’ पुनर्भुगतान योजना के तहत कर्ज लेने वाला मूल राशि और ब्याज का भुगतान कर्ज अवधि के अंत में एकमुश्त करता है। हालांकि सोने के बदले कर्ज पर ब्याज का आकलन पूरी अवधि के दौरान हर महीने किया जाता है, लेकिन मूल राशि और ब्याज का भुगतान एकबारगी करना होता है। इसीलिए इसे ‘बुलेट’ पुनभुर्गतान के नाम से जाना जाता है।

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RBI took a big decision on urban cooperative banks, gold loan limit increased from Rs 2 lakh to Rs 4 lakh
गोल्ड लोन - फोटो : istock

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद शहरी सहकारी बैंकों से जुड़ा बड़ा एलान किया है। शहरी सहकारी बैंकों के लिए बुलेट पुनर्भुगतान योजना के तहत सोने के बदले कर्ज (गोल्ड लोन) की सीमा को दोगुना कर चार लाख रुपये कर दिया गया है।

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यह सीमा उन शहरी सहकारी बैंकों के लिये बढ़ाई गयी है, जिन्होंने प्राथमिक क्षेत्र को कर्ज के तहत सभी लक्ष्यों को 31 मार्च 2023 तक पूरा किया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) जिन्होंने 31 मार्च 2023 तक प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) के तहत समग्र लक्ष्य तक उप-लक्ष्य पूरा कर लिया है, उनके लिए बुलेट पुनर्भुगतान योजना के तहत गोल्ड लोन की मौजूदा सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये करने का निर्णय किया गया है।’’
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क्या है बुलेट पुनर्भुगतान योजना?
‘बुलेट’ पुनर्भुगतान योजना के तहत कर्ज लेने वाला मूल राशि और ब्याज का भुगतान कर्ज अवधि के अंत में एकमुश्त करता है। हालांकि सोने के बदले कर्ज पर ब्याज का आकलन पूरी अवधि के दौरान हर महीने किया जाता है, लेकिन मूल राशि और ब्याज का भुगतान एकबारगी करना होता है। इसीलिए इसे ‘बुलेट’ पुनभुर्गतान के नाम से जाना जाता है। दास ने कहा , ‘‘यह उपाय हमारी उस पिछली घोषणा के तहत है, जिसमें कहा गया था कि 31 मार्च 2023 तक निर्धारित प्राथमिक क्षेत्र कर्ज के लक्ष्यों को पूरा करने वाले यूसीबी को उपयुक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।’’
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जून में सहकारी बैंको को प्रोत्साहन देने की कही गई थी बात
आरबीआई ने इस साल जून में मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा था कि प्राथमिक क्षेत्र को कर्ज के तहत तय लक्ष्यों को मार्च 2023 तक पूरा करने वाले शहरी सहकारी बैंकों को उपयुक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। आरबीआई ने शुक्रवार को लगातार चौथी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। इसका मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (ईएमआई) में कोई बदलाव नहीं होगा।

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