{"_id":"6581a7167aeb12022c0b53eb","slug":"rbi-tightens-norms-to-check-evergreening-of-loans-by-lenders-through-aifs-2023-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI: आरबीआई ने बैंकों, NBFC के लिए वैकल्पिक निवेश कोष में निवेश से जुड़े नियम कड़े किए, कही यह बात","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
RBI: आरबीआई ने बैंकों, NBFC के लिए वैकल्पिक निवेश कोष में निवेश से जुड़े नियम कड़े किए, कही यह बात
Tue, 19 Dec 2023 07:52 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 19 Dec 2023 07:52 PM IST
सार
Reserve Bank of India: रिजर्व बैंक ने कहा है कि नए कदम एआईएफ के जरिये पुराने कर्ज को लौटाने के लिए नई कर्ज की व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए कदम उठाये हैं।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक।
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) की किसी भी योजना में निवेश करने से रोक दिया है। बैंक और एनबीएफसी, जो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तहत विनियमित संस्थाएं (आरई) हैं, अपने नियमित निवेश संचालन के हिस्से के रूप में एआईएफ की इकाइयों में निवेश करते हैं।
विज्ञापन
वेंचर कैपिटल फंड, एंगल फंड, इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, प्राइवेट इक्विटी फंड और हेज फंड समेत अन्य एआईएफ की श्रेणी में आते हैं। रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर कहा, "एआईएफ से जुड़े आरई के कुछ लेनदेन जो नियामकीय चिंताओं से जुड़े हैं, हमारे संज्ञान में आए हैं।"
विज्ञापन
आरबीआई के अनुसार इन लेनदेनों में एआईएफ की इकाइयों में निवेश के माध्यम से अप्रत्यक्ष कर्ज के साथ ऋण लेने वालों को विनियमित इकाइयों (बैंक और एनबीएफसी) के प्रत्यक्ष ऋण जोखिम का प्रतिस्थापन जुड़ा है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि नए कदम एआईएफ के जरिये पुराने कर्ज को लौटाने के लिए नई कर्ज की व्यवस्था पर रोक लगाने के लिए कदम उठाये हैं।
विज्ञापन
बैंक और एनबीएफसी एआईएफ की किसी भी ऐसी योजना में निवेश नहीं कर सकते, जिसने वित्तीय संस्थान से कर्ज लेने वाले कर्जदाताओं की कंपनी में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निवेश कर रखा है। केंद्रीय बैंक ने उधारदाताओं को निर्देश दिया है कि इस तरह के निवेश को 30 दिनों के भीतर समाप्त करने की आवश्यकता होगी।