कोटक महिंद्रा बैंक पर आरबीआई ने लगाया दो करोड़ का जुर्माना
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देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल कोटक महिंद्रा बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक ने दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक ने केंद्रीय बैंक के उस आदेश को नहीं माना, जिसमें प्रमोटर की शेयरहोल्डिंग को घटाने को कहा था। आरबीआई ने बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब से केंद्रीय बैंक संतुष्ट नहीं हुआ था।
प्रमोटर के पास 30 फीसदी शेयर
फिलहाल कोटक महिंद्रा बैंक के प्रमोटर के पास 30 फीसदी शेयर हैं। आरबीआई ने इसे घटाकर 20 फीसदी करने को कहा था। इसके लिए 31 दिसंबर 2018 की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन कोटक बैंक ने ऐसा नहीं किया था। इसके बाद आरबीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
बैंक ने रखा था अपना पक्ष
आरबीआई से नोटिस मिलने के बाद कोटक महिंद्रा बैंक ने अपना पक्ष रखते हुए कई दलील और दस्तावेज पेश किए थे। लेकिन आरबीआई इससे संतुष्ट नहीं हुआ, जिसके बाद जुर्माना लगाने का फैसले किया है।
आरबीआई का यह है नियम
आरबीआई के बैंकिंग लाइसेंस नियमों के मुताबिक निजी बैंक के संचालन के तीन साल में प्रमोटर को अपनी शेयरहोल्डिंग घटाकर 40 फीसदी तक लानी होती है। संचालन के 10 साल में शेयरहोल्डिंग 20 फीसदी और 15 साल में 15 फीसदी पर लाना जरूरी होता है।
उदय कोटक को घटानी होगी हिस्सेदारी
31 दिसंबर 2018 तक कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस चेयरमैन और एमडी उदय कोटक की इसमें हिस्सेदारी 29.72 फीसदी थी। उदय कोटक बैंक के प्रमोटर हैं, कोटक महिंद्रा बैंक मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से दूसरा बड़ा प्राइवेट बैंक है। अब जुर्माना लगने के बाद कोटक बैंक को उदय कोटक की हिस्सेदारी घटानी होगी।
दूसरी तरफ ये भी बता दें कि वहीं कोटक महिंद्रा बैंक ने आरबीआई को यह प्रस्ताव दिया था कि प्रमोटर होल्डिंग घटाकर 19.7 फीसदी करने के लिए उसे नॉन प्रीफरेंस शेयर जारी करने की इजाजत दी जाए। बैंक ने आरबीआई के इस मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चैलेंज किया था।