फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   RBI's Rs 7 Lakh Crore VRRR Auction Sees Low Bank Participation

रिजर्व बैंक: आरबीआई की 7 लाख करोड़ रुपये की वीआरआरआर नीलामी में बैंकों की कम भागीदारी क्यों? जानिए अंदर की बात

Mon, 07 Sep 2026 02:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 07 Sep 2026 02:32 PM IST
सार

भारतीय रिजर्व बैंक की 7 लाख करोड़ रुपये की 30-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी को बैंकों से ठंडी प्रतिक्रिया मिली, जबकि बैंकिंग प्रणाली में 10.73 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त नकदी है। जानें क्यों बैंक कम रुचि दिखा रहे हैं और आरबीआई क्या कदम उठा रहा है।

विज्ञापन
RBI's Rs 7 Lakh Crore VRRR Auction Sees Low Bank Participation
भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक की 30-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी को बैंकों से ठंडी प्रतिक्रिया मिली है। बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक नकदी होने के बावजूद बोलियां अधिसूचित राशि से काफी कम रहीं। यह केंद्रीय बैंक के लिए चिंता का विषय बन गया है।

विज्ञापन


वीआरआरआर नीलामी केंद्रीय बैंक द्वारा बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी को सोखने का एक मौद्रिक नीति उपकरण है। आरबीआई को सात लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के मुकाबले 30-दिवसीय वीआरआरआर के लिए 2,59,276 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं। 
विज्ञापन


आरबीआई की अधिसूचना के अनुसार, बोलियां 5.24 फीसदी की कट-ऑफ और भारित औसत दर पर स्वीकार की गईं। अतिरिक्त नकदी को सोखने के लिए, केंद्रीय बैंक ने सोमवार को 5 लाख करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि के लिए एक ओवरनाइट वीआरआरआर नीलामी की भी घोषणा की। यह नीलामी सुबह 11:00 बजे से 11:30 बजे के बीच हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैंकिंग प्रणाली में इतनी नकदी कहां से आई?

वर्तमान में, बैंकिंग प्रणाली में करीब 10.73 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी होने का अनुमान है। आरबीआई ने तरलता अवशोषण परिचालन तेज कर दिया है। बैंकिंग प्रणाली में विशेष एफसीएनआर(बी) जमा योजना के माध्यम से बड़े प्रवाह के कारण भरपूर नकदी है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक विशेष विदेशी मुद्रा उपायों से कुल 136.38 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। इसमें एफसीएनआर(बी) जमा के माध्यम से 127.23 अरब अमेरिकी डॉलर, ओएफसीबीएस के माध्यम से 5.26 अरब अमेरिकी डॉलर और ईसीबी के माध्यम से 3.89 अरब अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।

एफसीएनआर(बी) योजना का क्या प्रभाव पड़ा?

एफसीएनआर(बी) खिड़की को मजबूत प्रतिक्रिया के कारण 31 अगस्त को एक महीने पहले ही बंद कर दिया गया था। वहीं, ईसीबी/ओएफसीबीएस सुविधा 31 दिसंबर तक खुली रहेगी। इन माध्यमों से प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है। इस नकदी जुटाने से बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा आई। आरबीआई के साथ बाद की अदला-बदली ने बैंकों को रुपये की नकदी प्रदान की।

आरबीआई नकदी प्रबंधन के लिए क्या कर रहा है?

रेपो दर के साथ तालमेल बिठाने के लिए, केंद्रीय बैंक ने अगस्त और सितंबर में अब तक 32 वीआरआरआर नीलामियां आयोजित की हैं। इन नीलामियों की परिपक्वता अवधि ओवरनाइट से 14 दिन के बीच रही है। आरबीआई लगातार बाजार से अतिरिक्त नकदी को कम करने का प्रयास कर रहा है। यह कदम मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed