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RBI: सरकार ने एमपीसी की बैठक के पहले तीन नए बाहरी सदस्यों की नियुक्ति की, जानिए उनके बारे में

Wed, 02 Oct 2024 01:14 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 02 Oct 2024 01:14 PM IST
सार

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति का पुनर्गठन 7-9 अक्टूबर के बीच होने वाली ब्याज दर संबंधी निर्णयों पर महत्वपूर्ण नीति बैठक से पहले हुआ है। एमपीसी में छह सदस्य हैं, जिनमें से तीन केंद्रीय बैंक के भीतर से हैं। इनमें गवर्नर शक्तिकांत दास, डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा और कार्यकारी निदेशक राजीव रंजन शामिल हैं।

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RBI MPC gets 3 new external members
आरबीआई एमपीसी - फोटो : ANI

विस्तार

सरकार ने मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति में तीन नए बाहरी सदस्यों की नियुक्ति की, जिनमें राम सिंह, सौगत भट्टाचार्य और नागेश कुमार शामिल हैं। समिति का पुनर्गठन 7-9 अक्टूबर के बीच होने वाली ब्याज दर संबंधी निर्णयों पर महत्वपूर्ण नीति बैठक से पहले हुआ है।

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एमपीसी में छह सदस्य हैं, जिनमें से तीन केंद्रीय बैंक के भीतर से हैं। इनमें गवर्नर शक्तिकांत दास, डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा और कार्यकारी निदेशक राजीव रंजन शामिल हैं। जबकि तीन बाहरी सदस्यों को केंद्र सरकार की ओर से चार साल के लिए नियुक्त किया जाता है।
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ये नए सदस्य एमपीसी मुंबई की प्रोफेसर आशिमा गोयल, आईआईएम-अहमदाबाद के प्रोफेसर जयंत वर्मा और नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार शशांक भिडे की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो रहा है। 

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आइए जानते हैं एमपीसी के नए सदस्यों का परिचय

राम सिंह
रिसर्च पोर्टल आइडियाज फॉर इंडिया के अनुसार, राम सिंह प्रतिष्ठित दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक हैं, जिनके पास कानून और अर्थशास्त्र में पीएचडी (जेएनयू, नई दिल्ली) और पोस्ट-डॉक्टरेट (हार्वर्ड) की डिग्री है। उनके शोध के क्षेत्र अनुबंध सिद्धांत, सार्वजनिक अर्थशास्त्र और सार्वजनिक निजी भागीदारी हैं। उन्हें अर्थशास्त्र में फुलब्राइट, कॉमनवेल्थ, इरास्मस मुंडस फेलोशिप और अर्थशास्त्र में रोनाल्ड कोस फेलोशिप मिली है। उनके प्रकाशन इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल वीकली में पाए जा सकते हैं। उनका एक प्रकाशन - 'द एफिशिएंसी ऑफ कम्पेरेटिव कॉजेशन' (फ्रांसेस्को पेरिसी के साथ)- रिव्यू ऑफ लॉ एंड इकोनॉमिक्स, 2011 में है। डीएसई के अलावा, उन्होंने ब्राउन विश्वविद्यालय, हैम्बर्ग विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ाया है और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में कॉमनवेल्थ फेलो रहे हैं।


सौगत भट्टाचार्य 
सौगत भट्टाचार्य एक्सिस बैंक लिमिटेड के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री हैं, जिनके पास आर्थिक और वित्तीय बाजार विश्लेषण, नीति वकालत, बुनियादी ढांचे और परियोजना वित्त, उपभोक्ता व्यवहार और विश्लेषण में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में सीनियर फेलो भी हैं। सीपीआर पोर्टल के अनुसार, भट्टाचार्य आंध्र प्रदेश सरकार के साथ चल रहे काम में मुख्य भूमिका निभाते हैं-  वे डेटा एनालिटिक्स यूनिट का समर्थन करते हैं। वे मैक्रो-फाइनेंशियल फोरकास्टिंग, वैश्विक और घरेलू विकास की समीक्षा, एमएसएमई सेक्टर, बैंकिंग, वित्तीय और बीमा क्षेत्रों में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और शहरीकरण पर शोध करते हैं। इससे पहले, आईडीएफसी में, उन्होंने नीति सलाहकार समूह के साथ एक विशेषज्ञ के रूप में काम किया और बुनियादी ढांचे पर प्रधानमंत्री के टास्क फोर्स सहित भारत सरकार की कई प्रमुख समितियों में भाग लिया।


नागेश कुमार 
नागेश कुमार औद्योगिक विकास अध्ययन संस्थान के निदेशक और मुख्य कार्यकारी हैं। मई 2021 में यह पदभार ग्रहण करने से पहले, कुमार ने एशिया और प्रशांत क्षेत्र के संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग में निदेशक के रूप में कार्य किया। 2009-21 के दौरान कई वरिष्ठ प्रबंधन भूमिकाएं निभाईं, जिसमें बैंकॉक में UNESCAP मुख्यालय में मुख्य अर्थशास्त्री, विकास प्रभाग और सामाजिक विकास प्रभाग के लिए व्यापक आर्थिक नीति और वित्तपोषण के निदेशक का कार्य शामिल हैं। वे नई दिल्ली में स्थित दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया कार्यालय के प्रमुख रहे, इसे उन्होंने ही स्थापित किया था। कुमार बोस्टन यूनिवर्सिटी ग्लोबल डेवलपमेंट पॉलिसी सेंटर के नॉन-रेजिडेंट सीनियर फेलो हैं। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में पीएचडी करने वाले कुमार को 1990 में एक्जिम बैंक का पहला अंतर्राष्ट्रीय व्यापार अनुसंधान पुरस्कार और 2000 में टोक्यो में विश्व बैंक और जापानी सरकार द्वारा जीडीएन का अनुसंधान पदक प्रदान किया गया।

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