फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   rating agency fitch downgrade forecast for india gdp

झटकाः फिच ने एक बार फिर से घटाया भारत की जीडीपी का अनुमान

Fri, 22 Mar 2019 01:02 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 22 Mar 2019 01:02 PM IST
विज्ञापन
rating agency fitch downgrade forecast for india gdp

अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की इस साल की विकास दर के अनुमान को एक बार फिर से घटा दिया है। फिच रेटिंग्स ने अगले वित्त वर्ष के लिये देश की आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान सात फीसदी से घटाकर 6.80 फीसदी कर दिया है।

विज्ञापन


एजेंसी ने अपने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कहा है कि हालांकि हमने जीडीपी को कम किया है लेकिन 2020-21 के लिए इसको 7.1 फीसदी किया है। फिच ने पिछले साल दिसंबर में चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 7.8 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया था। 

विज्ञापन

रेपो रेट में और कटौती की उम्मीद

फिच का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी अगली बैठक में रेपो रेट में और कटौती कर सकता है। थोक और खुदरा महंगाई दर के तीन फीसदी से नीचे रहने के कारण केंद्रीय बैंक की 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करनी चाहिए। इससे लोगों को कर्ज की किश्त कम पड़ेगी और लोग ज्यादा से ज्यादा इसकी तरफ आकर्षित होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन


फिच रेटिंग्स के प्रमुख (एशिया प्रशांत) स्टीफन श्वार्ट्ज ने कहा कि रेटिंग प्रोफाइल के लिए दीर्घकालिक राजकोषीय संकेत अहम होते हैं। हम इसका मूल्यांकन चुनाव के बाद पेश होने वाले बजट के आधार पर करेंगे जिसमें मध्यम अवधि के परिदृश्य के बारे में अतिरिक्त संकेत मिलने चाहिए। फिच ने नवंबर में भारत की रेटिंग स्थिर परिदृश्य के साथ बीबीबी (नकारात्मक) बनाए रखा था। यह निवेश योग्य सबसे निचली रेटिंग है। 

इससे पहले फिच ने सितंबर में वृद्धि दर के 7.8 प्रतिशत और जून में 7.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। फिच का नया अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिये आरबीआई के 7.4 फीसदी के अपने पहले लगाये गये अनुमान से काफी कम है।


फिच ने कहा, हमने जीडीपी आंकडों में अपेक्षा से कम तेजी, उच्च वित्तपोषण लागत और ऋण उपलब्धता में कमी के चलते अपने अनुमान को घटाया है। खपत कमजोर बनी हुयी है, यह 8.6 फीसदी से गिरकर 7 फीसदी पर आ गई है। घरेलू मांग के अन्य कारक बेहतर स्थिति में है, खासकर निवेश 2017 की दूसरी छमाही के बाद लगातार बढ़ा है। 

रेटिंग एजेंसी का कहना है कि आम चुनावों को देखते हुए भारत की राजकोषीय नीतियां वृद्धि को बढ़ावा देने के अनुकूल रहेंगी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed