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रालको टायर्स का नया अभियान, ट्रांसजेंडर के खिलाफ खत्म होगा भेदभाव
Tue, 20 Aug 2019 07:11 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Tue, 20 Aug 2019 07:11 PM IST
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ralco tyres
- फोटो : अमर उजाला
लुधियाना स्थित भारत की अग्रणी टायर ब्रांड रालको टायर्स की नई फिल्म ने संदेश दिया है कि "इस स्वतंत्रता दिवस, ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हो रहे भेदभावों से हमारा समाज मुक्त हों यानि कि #फ्रीदरोड्स जिससे कि इस अभियान की सहायता से एलजीबीटीक्यू समुदाय के अधिकारों पर चर्चा की जाए।
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ट्रांसजेंडर समुदाय के हमारे देश की सड़कों पर होने वाले दैनिक संघर्षों जैसे बस पर चढ़ना और टैक्सी मिलने में प्राप्त होने वाली विफलता आदि पर प्रकाश डालते हुए ये फिल्म एक महत्वपूर्ण बिंदु उजागर करती है कि कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय जरूरी नहीं कि समाज में जमीनी स्तर पर कोई परिवर्तन ला सकें।
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रालको टायर्स के निदेशक, मंजुल पाहवा ने कहा कि, "रालको टायर्स, एक नवीन रणनीतिक चरण की तरफ अग्रसर है जहाँ हम स्वयं को, जिस समुदाय का हिस्सा हैं उसमें एक महत्वपूर्ण किरदार निभाते हुए देख रहे हैं।
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टायर एक साधारण सा उत्पाद है लेकिन वो हमेशा जमीन से जुड़ा रहता है। इसलिए, सड़कों पर स्वतंत्रता के विचार को शहरों के अलावा, छोटे नगरों और गावों में भी फैलाना हमारा कर्तव्य है। आखिरकार, जिस प्रकार हम गलियों में व्यवहार करते हैं वही हमारे राष्ट्र निर्माण को परिभाषित करता है।"
लेकिन ये सिर्फ जागरूकता फैलाने मात्र पर ही नहीं समाप्त हो जाता है। रालको, ट्रांसजेंडर समुदाय की दो प्रमुख अक्षों, जागरूकता और रोजगार के द्वारा सहायता करने का प्रयास कर रहा है।
रालको टायर्स के हेड ऑफ ब्रांडिंग, योगेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि, "ट्रांसजेंडर समुदाय की कौशल निर्माण और वित्तीय समावेशन से सहायता करने के लिए रालको टायर्स ने द हमसफर ट्रस्ट के ट्रांसेंड अभियान के लिए उनके साथ भागीदारी कर रहा है। समाज की मुख्यधारा में समावेशन और रोजगारयोग्यता की बहुत आवश्यकता है।"
हमने बीबीडीओ इंडिया से उनकी रचनात्मकता और रणनीतिक कुशलता के लिए हाल ही में सहभागिता स्थापित की है।
हाल ही के कार्यों की बात करें तो बीबीडीओ मुंबई के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर, हेमन्त श्रृंगी ने कहा, "स्वतंत्रता के कई अर्थ हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं? अपने पूर्वाग्रहों से स्वतंत्र? भेदभाव से स्वतंत्र? हम में से कई अपनी स्वतंत्रता का महत्व नहीं समझते, लेकिन कुछ लोग हैं जो हर दिन इसके लिए लड़ते रहते हैं। रालको के लिए यह हमारा पहला कार्य है लेकिन हमें हमसफर ट्रस्ट और लिटिल लैम्ब फिल्म्स के साथ काम करके गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।"
बीबीडीओ इंडिया की सीईओ, सूरजा किशोर इस अभियान को लेकर अतिउत्साहित थीं। उन्होंने कहा कि, "हमें एक ऐसे ब्रांड के साथ से काम करके गर्व महसूस होता है जो कि एक नई पहल शुरू कर रहा है और बात जब वास्तविक कार्य की होती है तब उद्देश्य संचालित संवाद हमेशा कार्य के लिए लाभप्रद होता है। हम चाहते थे कि रालको टायर्स के लिए बीबीडीओ का पहला कार्य साहसिक और श्रेणी से ऊपर उठने वाला हो।"
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