{"_id":"5f0c31798ebc3e63b3766fc3","slug":"railway-for-the-first-time-sent-dry-chilly-through-freight-train-from-andhra-pradesh-to-bangladesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार विशेष मालगाड़ी से बांग्लादेश भेजी सूखी मिर्ची, सड़क मार्ग से पड़ा सस्ता","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
पहली बार विशेष मालगाड़ी से बांग्लादेश भेजी सूखी मिर्ची, सड़क मार्ग से पड़ा सस्ता
Mon, 13 Jul 2020 03:33 PM IST
Tanuja Yadav
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, आंध्र प्रदेश
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, आंध्र प्रदेश
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 13 Jul 2020 03:33 PM IST
विज्ञापन
भारतीय रेलवे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे ने पहली बार सूखी मिर्ची को विशेष पार्सल ट्रेन बांग्लादेश पहुंचाया है। रेलवे ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से पड़ोसी देश बांग्लादेश तक ये सूखी मिर्ची पहुंचाई है। इससे पहले गुंटूर के आसपास के किसान और व्यापारी सड़क मार्ग से सूखी मिर्ची पड़ोसी देश तक पहुंचाते थे।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से देश में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से किसान और व्यापारी सड़क मार्ग से इस आवश्यक वस्तु को नहीं ले जा सके, जिसके बाद रेलवे की अधिकारियों ने उनको गाड़ी से परिवहन की सुविधा देन के लिए संपर्क किया। रेलवे ने बताया कि किसानों की तकलीफ सुनने के बाद सूखी मिर्ची दस जुलाई को विशेष पार्सल ट्रेन से बांग्लादेश के बेनापोल ले जाई गई
विज्ञापन
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि इससे परिवहन के खर्चे में कमी आई है। सड़क मार्ग से मिर्ची ले जाने पर प्रति टन सात हजार रुपये खर्च आता था जबकि मालगाड़ी की मदद से इसे भेजने में केवल 4,608 रुपये प्रति टन का खर्च आया है।
विज्ञापन
रेलवे ने बयान जारी कर कहा कि भारतीय रेलवे ने पहली बार विशेष मालगाड़ी से आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रेड्डीपालेम से सूखी मिर्ची बांग्लादेश के बेनापोल तक पहुंचाई है। आंध्र प्रदेश में गुंटूर और इसके आसपास के इलाकों में मिर्ची की खेती बड़े पैमाने पर होती है और यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हैं।