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Service Sector: महंगाई के दबाव में सेवा क्षेत्र की गतिविधि घटी, सितंबर में छह महीने के सबसे निचले स्तर पर

Thu, 06 Oct 2022 03:06 PM IST
विवेक दास न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Thu, 06 Oct 2022 03:06 PM IST
सार

Service Sector: मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स सितंबर महीने  में 54.3 पर आ गया, इससे पहले अगस्त में यह अगस्त में 57.2 था। यह मार्च के बाद इसमें वृद्धि की सबसे कम दर है।

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PMI Index: Services sector activity declined under inflationary pressure, at six-month low in September
pmi

विस्तार

देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधि में गिरावट आई है। महंगाई के दबाव के कारण सितंबर महीने में यह फिसलकर पिछले छह महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए हैं। एक मासिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि मार्च महीने के बाद से मुद्रास्फीति के दबाव और प्रतिस्पर्धी स्थितियों के बीच इस क्षेत्र में धीमा व्यापार प्रवाह हुआ है।

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मौसमी रूप से समायोजित एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स सितंबर महीने  में 54.3 पर आ गया, इससे पहले अगस्त में यह अगस्त में 57.2 था। यह मार्च के बाद इसमें वृद्धि की सबसे कम दर है।

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लगातार चौदहवें महीने सेवा क्षेत्र में उत्पादन में विस्तार देखा गया। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) की भाषा में 50 से ऊपर के आंकड़े का मतलब विस्तार होता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा संकुचन को दर्शाता है।

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एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र के एसोसिएट निदेशक पोल्यान्ना डे लीमा ने कहा है कि भारतीय सेवा क्षेत्र ने हाल के महीनों में कई प्रतिकूलताओं को दूर किया है। नवीनतम पीएमआई डेटा वृद्धि में सितंबर में कुछ नुकसान होने के बावजूद यह मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार कीमतों पर दबाव, तेज प्रतिस्पर्धी माहौल और प्रतिकूल सार्वजनिक नीतियों ने विकास को बाधित किया है। 

लीमा ने आगे कहा कि अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण महीने के अंत में रुपये का तेज मूल्यह्रास भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अतिरिक्त चुनौती बना। 


हालांकि रोजगार के मोर्चे पर क्षमता दबाव सितंबर में कम हो गया। लंबित वर्कलोड और बिक्री में जारी वृद्धि से रोजगार सृजन के एक और दौर को मदद मिली है। अगस्त महीने की तुलना में रोजगार धीमी गति से बढ़ी है। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स अगस्त महीने के स्तर 58.2 से फिसलकर सितंबर महीने में 55.1 के लेवल पर आ गया। यह मार्च के बाद से अब तक की सबसे कमजोर वृद्धि है। 

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