PLI: गैर-जरूरी वस्तुओं का पीएलआई ने घटाया आयात, गुणवत्ता मानदंडों से मिली मदद
एक अधिकारी ने कहा कि डंपिंग रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क लगाने जैसे अन्य उपायों से गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करने में मदद मिली है। आयात गहन क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं।
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उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की वजह से देश में टीवी, टायर, वॉलपेपर और एसी गैस कंप्रेसर जैसे गैर-आवश्यक उत्पादों का आयात घट रहा है। विदेश से कुछ वस्तुओं को मंगाने पर अंकुश लगाने और और अनिवार्य गुणवत्ता मानदंड जैसे कदमों से भी ऐसे उत्पादों का आयात घटाने में मदद मिली है।
एक अधिकारी ने कहा कि डंपिंग रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क लगाने जैसे अन्य उपायों से गैर-जरूरी आयात को नियंत्रित करने में मदद मिली है। आयात गहन क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इन कदमों से चीन, ताइवान, वियतनाम, हांगकांग और बांग्लादेश जैसे देशों से स्पोर्ट्स फुटवियर, सैंडल व सोल के आयात में गिरावट आई है।
ऐसे घटता गया आयात
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के एक विश्लेषण के मुताबिक, टायरों पर आयात प्रतिबंधों के कारण इन उत्पादों का आयात 2019-20 के 27.6 करोड़ डॉलर से 74 फीसदी घटकर 2022-23 में 7.4 करोड़ डॉलर रह गया।
कैलेंडर वर्ष के मुताबिक, यह आयात इस साल जुलाई तक घटकर 3.6 करोड़ डॉलर रह गया है, जबकि 2018 में यह 35.3 करोड़ डॉलर था। कागज आयात निगरानी प्रणाली (पीआईएमएस) की शुरुआत के कारण इस साल अप्रैल-अगस्त में वॉलपेपर आयात 4.4 करोड़ डॉलर से 77 फीसदी घटकर एक करोड़ डॉलर रह गया।
फुटवियर के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू करने से इस साल जुलाई-अगस्त में इसका आयात 54 फीसदी घटकर 7.5 करोड़ डॉलर रह गया। अप्रैल-अगस्त, 2023 में एसी गैस कंप्रेसर का आयात 10 फीसदी घटकर 17.7 करोड़ डॉलर रह गया। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 19.7 करोड़ डॉलर था।