Piyush Goyal: क्या अमेजन भारत में गलत तरीके से कर रहा अपना कारोबार? केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उठाए सवाल
Piyush Goyal: गोयल ने कहा कि कानूनी रूप से अनुमति नहीं होने के बावजूद अमेजन उपभोक्ता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में काम रहा है। गोयन ने कहा, "वे एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म हैं। उन्हें B2C करने की अनुमति नहीं है।
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केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को अमेजन के भारत में 6,000 करोड़ रुपये के घाटे पर सवाल उठाया। उन्होंने संकेत दिया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बाजार बिगाड़ने वाली मूल्य निर्धारण नीतियां अपनाती हैं और इससे छोटे खुदरा विक्रेताओं पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, 'अगर आपको एक साल में 6,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है तो क्या इससे मूल्यों में गड़बड़ी जैसी गंध नहीं आती?' गोयल ने नई दिल्ली में पहले इंडिया फाउंडेशन की ओर से ई-कॉमर्स और रोजगार पर तैयार रिपोर्ट जारी करने के दौरान अमेजन का जिक्र करते हुए ये बातें कही।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अमेजन के निवेश के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "जब अमेजन कहता है कि वह देश में एक अरब डॉलर का निवेश करने जा रहा है, तो हम इसके पीछे की उस कहानी पर ध्यान नहीं देते कि भारतीय अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए किसी महान सेवा या किसी भी महान निवेश के लिए यह एक अरब डॉलर नहीं आ रहा है। उन्होंने अपनी बैलेंस शीट में एक अरब डॉलर का नुकसान किया और वे उस नुकसान को भरने के लिए एक अरब डॉलर का निवेश कर रहे हैं।
गोयल ने कहा कि कानूनी रूप से अनुमति नहीं होने के बावजूद अमेजन उपभोक्ता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रूप में काम रहा है। गोयन ने कहा, "वे एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म हैं। उन्हें B2Cकरने की अनुमति नहीं है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, कानूनी रूप से, बिजनेस-टू-कंज्यूमर व्यापार नहीं कर सकता है। दुख की बात है कि वे इसके लिए वे यहां संस्थाओं का निर्माण करते हैं जिसमें भारतीय ही उनकी मदद करते हैं। धीरे-धीरे वे उन संस्थाओं को बंद करना शुरू कर देते हैं, यह कहानी का भाग दो है। लेकिन वे केवल यह दिखाने के लिए उनका व्यवसाय B2B है, ऐसा करते हैं और आप सभी इन प्लेटफार्मों पर खरीदारी करते हैं। आप कैसे खरीदारी करते हैं हैं? जबकि उन्हें B2C की अनुमति नहीं है, वे इसे कैसे कर रहे हैं? क्या यह हम सभी के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए?"
गोयल ने आगे भारत में अमेजन कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "अमेजन को यह नुकसान कैसे हुआ? अमेजन कहता है उन्होंने पेशेवरों को 1,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया। मुझे नहीं पता कि ये पेशेवर कौन हैं ... मैं जानना चाहता हूं कि किस तरह के वकीलों और सीए को 1,000 करोड़ रुपये मिलते हैं, जब तक कि आप सभी शीर्ष वकीलों को हायर कर उन्हें भुगतान नहीं दे रहे हैं। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि आपके खिलाफ कोई लड़ नहीं सके।" मंत्री ने कहा कि ई-कॉमर्स की वृद्धि देश के खुदरा विक्रेताओं और दुकानदारों के लिए "भारी सामाजिक व्यवधान" पैदा कर सकती है। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि ई-कॉमर्स की वृद्धि दर सालाना 27 प्रतिशत है। हम इसे गर्व के स्रोत के रूप में देखते हैं। मेरे बच्चों सहित बहुत सारे युवा ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं। लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि आज हम जो कर रहे हैं वह 10 साल बाद भारत का भविष्य निर्धारित करने वाला है।
गोयल ने कहा, "ई-कॉमर्स रिटेल स्टोर के हर हिस्से पर हमला नहीं करता है। गोयल ने कहा कि हर दुकान में केवल 5-10% आइटम होते हैं जो स्टोर मालिक के लिए अच्छा लाभ कमाते हैं। ई-कॉमर्स उच्च मार्जिन वाले उत्पादों को अपना निशाना बनाता है। कल्पना करें कि हमारे शहरों में 10 लाख से अधिक खुदरा दुकानों का क्या होगा? उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात पर गर्व नहीं है कि हमारा आधा बाजार अगले 10 साल बाद ई-कॉमर्स नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है, यह चिंता का विषय है। मंत्री ने कहा, "ई-कॉमर्स से जुड़े तीन झूठ हैं: झूठ, शापित झूठ और आंकड़ों से जुड़े झूठ।