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आम, पपीता व मशरूम पर शून्य टैरिफ: चावल, गेहूं, पोल्ट्री व डेयरी डील में शामिल नहीं; सब्जियों पर क्या बदल गया?

Sat, 07 Feb 2026 06:42 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 07 Feb 2026 06:42 PM IST
सार

भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर ( करीब 45,29,069.80 रुपये) के व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बन गई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को अमेरिका के साथ हुई इस डील पर सरकार का पक्ष रखा। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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Piyush Goyal India US Trade Dea, Piyush Goyal Press Conference, $500 billion trade target, Interim Trade Frame
भारत अमेरिका समझौता - फोटो : amarujala.com

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर ( करीब 45,29,069.80 रुपये) के व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में पैठ बढ़ाने का एक बड़ा मौका भी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को अमेरिका के साथ हुई इस डील पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने की दिशा में यह समझौता अहम साबित होगा।

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गोयल ने कहा कि हमारे निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था मोस्ट प्रीफर्ड ड्यूटी के साथ खुलती है। कल देर रात जो भारत-अमेरिका के बीच संयुक्त बयान तय हुआ, दुनिया के सामने रखा गया, इसका हर तरफ स्वागत हुआ है। गोयल ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। पूरे देश में खुशी की लहर है। यह दिन विकसित भारत के लिए अहम माना जाएगा।
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पीयूष गोयल ने कहा कि आज का दिन विकसित भारत 2047 की राह में एक महत्वपूर्ण दिन है, और उन्होंने अंतरिम व्यापार समझौते को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य प्रति वर्ष 500 अरब डॉलर का निर्यात कारोबार हासिल करना था। गोयल ने समझौते की घोषणा के बाद देशभर में फैली खुशी और आशावाद की भावना पर प्रकाश डाला।
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दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही बातचीत
उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए एक भव्य, दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की प्रशंसा की। द्विपक्षीय समझौते की चर्चा करते हुए हुए गोयल ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और सहयोग को गहरा करने पर केंद्रित रही है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। गोयल ने इस दिन को भारत-अमेरिका व्यापार इतिहास में "सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने वाला दिन" बताया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा से अवगत कराते हुए इसे भारत के आर्थिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने निर्यातकों, लघु व  मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए संभावित लाभों पर प्रकाश डालते हुए, गोयल ने समझौते को भारत की विकसित भारत 2047 की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया, जिसमें रोजगार सृजन, मजबूत व्यापार संबंध और नवाचार और निवेश के अवसरों पर जोर दिया गया।

कृषि निर्यातकों और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
अमेरिका के साथ हुए इस समझौते ने भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए निर्यात के नए द्वार खोल दिए हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अब फलों, सब्जियों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत श्रृंखला अमेरिकी बाजार में बिना किसी आयात शुल्क के प्रवेश करेगी। इस सूची में आम, केला, अमरूद, एवोकाडो, कीवी, पपीता, अनानास और मशरूम जैसे ताजा उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा, मूल्य वर्धित उत्पादों जैसे बेकरी आइटम, कोको उत्पाद, सिट्रस जूस, और अनाज, जौ, तिल व खसखस पर भी टैरिफ हटा दिया गया है, जिससे भारतीय किसानों और एग्री-बिजनेस कंपनियों को अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने का सीधा मौका मिलेगा।

अमेरिका के इन फल व सब्जियों को भारत में एंट्री नहीं
इसके अलावा भारत ने अपने घरेलू किसानों के हितों और कृषि क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अमेरिका से कई तरह की सब्जियों और फलों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है या रियायत न देने का फैसला किया है। इसमें मुख्य रूप से आलू, मटर, बीन्स, प्याज, जमी हुई सब्जियां, एगारिकस मशरूम, और खट्टे फल (जैसे संतरा, मैंडरिन) शामिल हैं। 

रत्न और फार्मा कंपनियों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत, कई प्रमुख वस्तुओं के अमेरिका को निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। रत्न और आभूषणों के साथ-साथ औषधीय उत्पादों को भी अब शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और 'मेक इन इंडिया' पहल को समर्थन मिलेगा।

फार्मा, कॉफी और आम का बिना किसी टैरिफ के हो सकेगा निर्यात
गोयल का कहना है कि रत्न, फार्मा, कॉफी, आम और अन्य कई वस्तुएं अमेरिका को शुल्क-मुक्त निर्यात की जाएंगी। कृषि क्षेत्र में, कई भारतीय उत्पाद अब बिना किसी शुल्क के संयुक्त राज्य अमेरिका को निर्यात किए जा सकेंगे। इनमें चाय, मसाले, नारियल तेल, वनस्पति मोम, सुपारी, ब्राजील नट्स, शाहबलूत और विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां शामिल हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, सब्जी की जड़ें, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई पारस्परिक शुल्क नहीं लगेगा और अब वे अमेरिकी बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश करेंगे।

50% टैरिफ से शून्य शुल्क तक पहुंचे
"कई ऐसी वस्तुएं जिन पर पहले 50% टैरिफ लगता था, अब शून्य शुल्क के साथ अमेरिकी बाजार में प्रवेश करेंगी," पीयूष गोयल ने नए भारत-अमेरिका व्यापार ढांचे के तहत भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी जीत पर प्रकाश डालते हुए कहा। गोयल ने कहा, "चीन पर 35% टैरिफ लगाया गया है, जबकि बांग्लादेश और वियतनाम पर 25% टैरिफ लगाया गया है। हम पर अब काफी कम प्रतिशत टैरिफ लगता है।"



हमने किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई काम नहीं किया है: गोयल
पीयूष गोयल ने कहा कि कई भारतीय निर्यातों पर पारस्परिक शुल्क घटकर शून्य हो जाएगा, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। जिन प्रमुख क्षेत्रों को लाभ मिल रहा है उनमें विमान के पुर्जे, मशीनरी के पुर्जे, जेनेरिक दवाएं, फार्मास्यूटिकल्स और बंगाल, केरल और महाराष्ट्र से आने वाले रत्न और हीरे शामिल हैं। शून्य शुल्क के अंतर्गत आने वाली अन्य वस्तुओं में सिक्के, प्लैटिनम, घड़ियां, आवश्यक तेल, कुछ घरेलू सजावट की वस्तुएं जैसे झूमर, बीज और अकार्बनिक रसायन और यौगिक शामिल हैं। गोयल ने कहा कि जीएम फूड्स को भारत में बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गोयल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई कृषि उत्पाद भी शून्य शुल्क पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश करेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापार समझौता किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाता है और इसका उद्देश्य निर्यात के अवसरों का विस्तार करते हुए उनकी आजीविका की रक्षा करना है।

डील में कुछ सीमाएं भी निर्धारित की गईं
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की बातचीत में भारत के लिए कुछ सीमा रेखाएं निर्धारित की गई हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पादों की अनुमति नहीं दी जाएगी। मक्का, चावल, गेहूं, बाजरा और रागी जैसी मुख्य खाद्य वस्तुओं पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। भारत में बहुतायत में उगाए जाने वाले फल, जिनमें केला और खट्टे फल शामिल हैं, संरक्षित रहेंगे। इस समझौते से मांस, मुर्गी, डेयरी उत्पाद, सोयाबीन, चीनी और अनाज प्रभावित नहीं होंगे।


इस समझौते के तहत काबुली चना को कोई राहत नहीं मिलेगी। यहां तक कि इथेनॉल और तंबाकू भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। गोयल ने कहा, "मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह भारत-अमेरिका समझौता भारत के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों या हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्रों के हितों को किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाता है।" रूसी तेल खरीद से जुड़े एक सवाल पर गोयल ने कहा इसका जवाब विदेश मंत्रालय की ओर से दिया जाएगा। 
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