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पेट्रोल-डीजल पर सियासत: पेट्रोलियम मंत्री का महाराष्ट्र सरकार पर वार, शराब का उदाहरण देकर यूं साधा निशाना

Thu, 28 Apr 2022 10:11 AM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Thu, 28 Apr 2022 10:11 AM IST
सार

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि लोगों को महंगे पेट्रोल और डीजल से राहत देने के लिए गैर-भाजपा शासित सरकारों को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने शराब का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर ये सरकारें आयातित शराब की जगह ईंधन पर टैक्स में कटौती करें तो पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा। 

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पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतें। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पेट्रोल-डीजल के दाम पर बात करते हुए केंद्र के उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि केंद्र ने उत्पाद शुल्क में कटौती कर अपना काम कर दिया था, लेकिन कई राज्यों ने अपने यहां वैट पर कटौती नहीं की। गौरतलब है कि सीधा निशाना गैर-भाजपा शासित राज्यों पर था। वहीं गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्री ने भी वैट कम न करने को लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लिया है। 

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महाराष्ट्र सरकार पर उठाया सवाल
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि महारष्ट्र सरकार ईंधन पर कर के रूप में मोटी रकम वसूल कर रही है। जबकि राज्य के लोगों को राहत देने के लिए उसे वैल्यू एडेड टैक्स में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि राज्य सरकार ने 2018 से ईंधन कर के रूप में 79,412 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं और इस वर्ष 33,000 करोड़ रुपये एकत्र करने की उम्मीद है। वहीं महंगाई की मार झेल रही जनता को राहत देने के लिए उसने पेट्रोल और डीजल पर वैट क्यों नहीं घटाया?
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शराब की जगह ईंधन पर टैक्स घटे
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि लोगों को महंगे पेट्रोल और डीजल से राहत देने के लिए गैर-भाजपा शासित सरकारों को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने शराब का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर ये सरकारें आयातित शराब की जगह ईंधन पर टैक्स में कटौती करें तो पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पर 32.15 रुपये प्रति लीटर और कांग्रेस शासित राजस्थान सरकार ने 29.10 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाया है, लेकिन वहीं दूसरी ओर भाजपा शासित उत्तराखंड में केवल 14.51 रुपये और उत्तर प्रदेश में 16.50 रुपये शुल्क लगाया गया है। 
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आंध्र प्रदेश-मुंबई में सबसे महंगा पेट्रोल
सबसे ज्यादा पेट्रोल की कीमतों वाले तीन राज्य आंध्र प्रदेश (121.40), महाराष्ट्र (120.51) और तेलंगाना (119.49) हैं। गौरतलब है कि तेल कंपनियों की तरफ से गुरुवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.41 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 96.67 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा 120.51 रुपये व डीजल की कीमत 104.77 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 115.12 रुपये जबकि डीजल का दाम 99.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं चेन्नई में भी पेट्रोल 110.85 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 100.94 रुपये प्रति लीटर है। 

प्रधानमंत्री मोदी की राज्यों से अपील
बता दें कि बुधवार को वैश्विक संकट के बीच तेल के दामों में तेजी को लेकर बात की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि आज की वैश्विक परिस्थितियों में केंद्र और राज्य सरकारों का तालमेल, सामंजस्य पहले से अधिक आवश्यक है। युद्ध की परिस्थिति से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा, पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमत का बोझ कम करने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में पिछले नवंबर में कमी की थी। राज्यों से भी आग्रह किया गया था कि वो अपने यहां टैक्स कम करें। कुछ राज्यों ने तो अपने यहां टैक्स कम कर दिया, लेकिन कुछ राज्यों ने अपने लोगों को इसका लाभ नहीं दिया गया। मेरा आग्रह है कि देशहित में राज्य भी टैक्स कम करेंगे तो जनता को फायदा होगा। 


राहुल गांधी बोले- पीएम जिम्मेदारी से बच रहे
एक ओर जहां मंहगे ईंधन की मार झेल रही देश की जनता को राहत देने के मामले में केंद्र अपनी पीठ थपथपा रही है और कीमतों में बढ़ोतरी के लिए राज्यों के सिर ठीकरा फोड़ रही है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी और पेट्रोलियम मंत्री के निशाना साधने पर पलटवार किया है। राहुल गांधी ने कहा है कि ईंधन की ऊंची कीमतों के लिए राज्य दोषी, कोयले की कमी के लिए राज्य दोषी और ऑक्सीजन की कमी के लिए भी राज्य दोषी। सभी ईंधन करों का 68 फीसदी तो केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है। फिर भी, पीएम जिम्मेदारी से बचते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का संघवाद सहयोगी नहीं है, यह जबरदस्ती है।

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