फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Petrol-Diesel Price Cut Centre bears full cost of excise duty cut on petrol diesel Nirmala Sitharaman

Petrol-Diesel Price Cut: वित्त मंत्री ने विपक्ष के दावे झुठलाए, कहा- उत्पाद शुल्क घटने से राज्यों को हानि नहीं

Sun, 22 May 2022 08:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 22 May 2022 08:42 PM IST
सार

उन्हाेंने यह सफाई पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम व विपक्ष के कई नेताओं के शनिवार को आए बयानों के बाद दी, जिनमें कहा गया कि उत्पाद शुल्क में कमी लाकर सरकार केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी कम कर रही है।

विज्ञापन
Petrol-Diesel Price Cut Centre bears full cost of excise duty cut on petrol diesel Nirmala Sitharaman
Nirmala Sitharaman - फोटो : Twitter@FinMinIndia

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के दावों को झुठलाते हुए कहा है कि पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने का राज्यों की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी को नुकसान नहीं होगा। पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले सड़क व बुनियादी ढांचा उपकर में कमी की गई है। उपकर संग्रह राज्यों से साझा नहीं किया जाता।

विज्ञापन


उन्हाेंने यह सफाई पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम व विपक्ष के कई नेताओं के शनिवार को आए बयानों के बाद दी, जिनमें कहा गया कि उत्पाद शुल्क में कमी लाकर सरकार केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी कम कर रही है। हालांकि रविवार को चिदंबरम ने माना कि उनका शनिवार का बयान सही नहीं था, सरकार ने केवल केंद्र सरकार को जाने वाले कर संग्रह में कमी की।
विज्ञापन


वित्त मंत्री ने बताया : राज्यों को इसलिए नुकसान नहीं
वित्त मंत्री ने बताया कि मूल उत्पाद शुल्क (बीईडी), विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी), सड़क व बुनियादी ढांचा उपकर (आरआईसी) और कृषि व बुनियादी ढांचा विकास उपकरण (एआईडीसी) मिलकर पेट्रोल-डीजल पर कुल उत्पाद शुल्क बनाते हैं। इसमें से बीईडी ही राज्यों से साझा होता है, बाकी नहीं। सरकार ने आरआईसी में यह कमी की है, बल्कि नवंबर 2021 में जब पेट्रोल पर 5 और डीजल पर 10 रुपये घटाए थे, तब भी कर के इसी मद में कमी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्र व राज्य में कर बंटवारे का फॉर्मूला

  • केंद्र द्वारा जमा किया 41 प्रतिशत कर राज्यों को जाता है। इसमें उपकर शामिल नहीं होता। पेट्रोल-डीजल पर ज्यादातर कर उपकरों से बनते हैं।
  • केंद्र शनिवार से पहले पेट्रोल पर 27.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 21.80 रुपये प्रति लीटर कर ले रही था।
  • इसमें पेट्रोल व डीजल पर बीईडी क्रमश: 1.40 और 1.80, एसएईडी क्रमश: 11 व 8, एआईडीसी क्रमश: 2.50 व 4 और आरआईसी क्रमश: 13 व 8 रुपये प्रति लीटर था। 
  • केवल बीईडी राज्यों से साझा होता है, जो पेट्रोल पर 1.40 व डीजल पर 1.80 रुपये प्रति लीटर है।


कटौती से 2.20 लाख करोड़ बोझ
वित्त मंत्री के अनुसार शनिवार को हुई कमी से केंद्रीय कर संग्रह में 1 लाख करोड़ रुपये तक का असर एक साल में होगा। 21 नवंबर में हुई कमी से भी 1.20 लाख करोड़ की कमी का अनुमान है।

पिछली सरकार से विकास पर दोगुना खर्च
आरबीआई के आंकड़ों के हवाले से वित्त मंत्री ने बताया कि 2014 से 2022 तक एनडीए सरकार ने 90.9 लाख करोड़ रुपये विकास पर खर्च किए। वहीं 2004 से 2014 तक यूपीए ने 49.2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। एनडीए ने 24.85 लाख करोड़ रुपये भोजन, ईधन और उर्वरक सब्सिडी में खर्च किये तो यूपीए ने 10 साल में 13.9 लाख करोड़ रुपये की ही सब्सिडी दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed