फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Per capita debt rises, huge increase in home loans and non-residential borrowing

Per Capita Debt: प्रति व्यक्ति ऋण बढ़कर 4.8 लाख रुपये हुआ, होम लोन और गैर-आवासीय उधारी में तेज इजाफा

Tue, 01 Jul 2025 05:20 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Tue, 01 Jul 2025 05:20 PM IST
सार

भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति ऋण में बढ़कर 4.8 लाख रुपये पर पहुंच गया है। यह दो साल पहले 3.9 लाख रुपये था। इसके पीछे मुख्य कारण होम लोन और गैर-आवसीय ऋण में हुई वृद्धि है। 

विज्ञापन
Per capita debt rises, huge increase in home loans and non-residential borrowing
प्रति व्यक्ति ऋण में हुई बढ़ोतरी - फोटो : फ्री पिक

विस्तार

भारत में व्यक्तिगत उधराकर्ताओं का औसत ऋण बोझ बीते दो वर्षों में तेजी से बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2023 में जहां प्रति व्यक्ति औसत ऋण 3.9 रुपये लाख था, वो मार्च 2025 तक बढ़कर 4.8 लाख रुपये पर पहुंच गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Bank Report: कमजोर ऋण वृद्धि और मार्जिन से बैंकिंग सेक्टर की आय पर पड़ा असर, PAT में दो प्रतिशत की गिरावट संभव
विज्ञापन


प्रति व्यक्ति ऋण कैसे निकाले?
प्रति व्यक्ति ऋण, सरकार के कुल ऋण का एक माप है, जो यह दर्शाता है कि प्रत्येक नागरिक पर कितना कर्ज बकाया है। 
प्रति व्यक्ति ऋण = कुल ऋण / जनसंख्या

होम लोन में पुराने उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी अधिक
ऋण स्तर में यह वृद्धि मुख्य रूप से उच्च रेटिंग वाले उधारकर्ताओं के कारण हुई है। साथ ही, आवास ऋण में तेजी से इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल घरेलू ऋण का लगभग 29% हिस्सा गृह ऋण (होम लोन) से जुड़ा है। हालांकि, आवास ऋणों में वृद्धि समग्र रूप से स्थिर बनी हुई है। दिलचस्प बात यह है कि नई लोन लेने वालों की तुलना में पुराने उधारकर्ता औसतन एक-तिहाई अधिक राशि का ऋण ले रहे हैं। हाल के वर्षों में भारत का घरेलू ऋण लगातार बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण वित्तीय क्षेत्र से उधारी में वृद्धि है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एलटीवी अनुपात और डिफॉल्ट की आशंका
रिपोर्ट में लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) अनुपात का बढ़ना वित्तीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बन सकता है। 70 प्रतिशत से अधिक एलटीवी अनुपात वाले उधारकर्ता खातों की हिस्सदारी बढ़ रही है। इसके अलावा निम्न-रेटेड और अधिक ऋणग्रस्त उधारकर्ताओं के बीच जोखिम की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान की अवधि की तुलना में इन स्तरों में काफी गिरावट आई है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तुलना में कम है घरेलू ऋण स्तर
हालांकि दिसंबर 2024 के अंत तक, घरेलू ऋण वर्तमान बाजार मूल्यों पर जीडीपी का 41.9 प्रतिशत था। यह अन्य उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं (ईएमआई) की तुलना में अभी भी अपेक्षाकृत कम है। 


गैर-आवसीय ऋण है सबसे अधिक 
घरेलू ऋण की व्यापक श्रेणियों में गैर-आवसीय ऋण सबसे अधिक है। यह ऋण मुख्य रूप से उपभोग उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं। यह मार्च 2025 तक कुल घरेलू ऋण का 54.9 प्रतिशत हिस्सा था। गैर-आवासीय ऋण, जिसे संपत्ति पर ऋण भी कहा जाता है, एक प्रकार का ऋण है जो गैर-आवासीय संपत्ति (जैसे, वाणिज्यिक संपत्ति, कार्यालय स्थान, या औद्योगिक परिसर) को गिरवी रखकर लिया जाता है। 

रिजर्व बैंक ने दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए  उधारकर्ताओं की प्रोफाइल, ऋण प्रवृत्तियों और ऋण देने के पैटर्न में बदलाव की निगरानी के महत्व पर  जोर दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed