जेट एयरवेज के बाद डूब सकती है एक और विमानन कंपनी, सैलरी देने के लिए नहीं हैं पैसे
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देश की तमाम सरकारी कंपनियों की वित्तीय हालत काफी खराब चल रही है। हालत यह है कि कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं दे पा रही हैं। बीएसएनएल, एमटीएनएल, एयर इंडिया, इंडिया पोस्ट के बाद अब सरकारी विमानन कंपनी पवनहंस में भी सैलरी संकट हो गया है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में 89 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
करोड़ों रुपये का है कर्ज
पवनहंस हेलिकॉप्टर चलाती है। कंपनी के ऊपर फिलहाल करोड़ो रुपये का कर्ज है। इसके चलते अप्रैल महीने में कंपनी अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं पाएगी। इस बारे में कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एक सर्कुलर भेज दिया है।
230 करोड़ रुपये की देनदारी
कंपनी पर 230 करोड़ रुपये के अलावा और भी कई देनदारियां बताई गई हैं। इससे आने वाले समय में कंपनी की हालत और खराब होने का डर है। कोशिश की जा रही है कि किसी तरह से फंड जुटाया जाए और कर्मचारियों की सैलरी देने के अलावा बाकी काम किए जाएं। यह भी संकेत मिल रहे हैं कि पवनहंस के अलावा एक और प्राइवेट एयरलाइंस की भी हालत जल्द ही खराब होने वाली है।
कर्मचारियों को घर चलाने की चिंता
इससे पवनहंस के कर्मचारियों पर घर चलाने की चिंता शुरू हो गई है। कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि अगर सैलरी नहीं मिली तो फिर उनको बच्चों की स्कूल फीस, ईएमआई, घर के अन्य खर्च चलाने में परेशानी होगी। इसकी भरपाई सरकार या फिर कंपनी कैसे करेगी, इसकी कोई सुनने वाला है। कंपनी द्वारा की गलती का असर उन पर पड़ेगा।
पवनहंस के कर्मचारियों का कहना है कि अब जब कंपनी डूबने लगी है तो हमारा क्या होगा? हमें सैलरी कौन देगा? समस्या और अधिक बढ़ी तो कर्मचारी कोर्ट जाने के बारे में भी सोच रहे हैं।
ओवरटाइम किया बंद
कंपनी ने टेक्निकल स्टाफ के अलावा सभी कर्मचारियों का ओवरटाइम बंद कर दिया है। अब ओवरटाइम के किसी भी कर्मचारी को पैसे नहीं मिलेंगे। देश में पवनहंस के कई सारे हेलिपोर्ट हैं, जिनसे किसी तरह की कमाई नहीं हो रही है। चुनाव के दौरान भी निजी कंपनियों के हेलिकॉप्टर बुक हैं। पवनहंस के ज्यादातर हेलिकॉप्टर खड़े हैं। इनमें से भी कई ऐसे हैं, जिनको कल-पुर्जों के आभाव में खड़ा किया गया है।