Pakistan Crisis: पाकिस्तान पर मंडरा रहे संकट के बादल और गहराए, बेलआउट पर IMF से बातचीत में रोड़ा!
Pakistan Crisis: पाकिस्तान ने 2019 में इमरान खान की सरकार के दौरान 6 बिलियन अमरीकी डालर की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मदद हासिल की थी। इसे पिछले साल बढ़ाकर 7 बिलियन अमरीकी डालर कर दिया गया था पर देश की जर्जर आर्थिक स्थिति के कारण वह IMF से इसकी राशि हासिल नहीं कर पा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ बेलआउट पैकेज पर बातचीत सफल होती नहीं दिख रही है। बताया जा रहा है कि बातचीत में उस समय खटास आ गई जब दोनों पक्ष विदेशी वित्तपोषण अनुमानों और सटीक घरेलू राजकोषीय उपायों को अंतिम रूप देने में नाकाम रहे।
एक मीडिया रिपोर्ट में गुरुवार को बताया गया है कि बाहरी वित्तपोषण और घरेलू बजटीय कदमों पर एक स्पष्ट रूपरेखा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पाक पहुंचे मिशन में शामि अधिकारियों के साथ के साथ नौ फरवरी को वार्ता समाप्त होने से कम से कम एक दिन पहले साझा किया जाना चाहिए था। अब तक साझा नहीं किया गया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, 'बुधवार रात तक हमें Memorandum of Economic and Fiscal Policies (MEFP) का मसौदा नहीं मिला है। उन्होंने कहा, “अंतिम कार्य योजना पर फंड की आपत्तियां अभी भी बनी हुई हैं।”
पाकिस्तान ने 2019 में इमरान खान की सरकार के दौरान 6 बिलियन अमरीकी डालर की अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मदद हासिल की थी। इसे पिछले साल बढ़ाकर 7 बिलियन अमरीकी डालर कर दिया गया था पर देश की जर्जर आर्थिक स्थिति के कारण वह IMF से इसकी राशि हासिल नहीं कर पा रही है।
#1.18 अरब डॉलर हासिल करने के लिए IMF के मिशन से हो रही है बातचीत
कार्यक्रम की नौवीं समीक्षा फिलहाल लंबित है और आईएमएफ के अधिकारियों और सरकार के बीच 1.18 अरब डॉलर रिलीज करने के लिए बातचीत चल रही है। हालांकि, वित्त और राजस्व राज्य मंत्री आइशा गौस पाशा ने कहा, “हम मामले को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।" उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों का अंतिम रूप से समाधान हो जाने के बाद आईएमएफ को एमईएफपी सौंप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बहुत सी चीजें सुलझ गई हैं और उनमें से कुछ पर स्पष्टता की जरूरत है, जिस पर सरकार की टीम काम कर रही है। एक लिखित बयान में, वित्त मंत्रालय ने कहा कि आईएमएफ के साथ बातचीत बुधवार को जारी रही यह बातचीत राजकोषीय तालिका, वित्तपोषण आदि पर केंद्रित थी। सुधार कार्यों और उपायों पर व्यापक सहमति बनी है।
बयान में कहा गया है कि IMF के मिशन प्रमुख ने वित्त मंत्री से भी मुलाकात की है और उन्हें बातचीत के बारे में जानकारी दी। वित्त सचिव ने कहा, “मिशन सभी को एक साथ रखने पर काम कर रहा है और एमईएफपी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।” हालांकि उन्होंने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि कर्मचारी स्तर के समझौते को हासिल करने के लिए निर्धारित वार्ता का विस्तार किया जाएगा या नहीं।