Pakistan: खत्म हो सकता है आईएमएफ ऋण कार्यक्रम; आर्थिक तंगी के बीच वित्त मंत्री बोले- कोई वित्तीय संकट नहीं
Pakistan Financial Crisis: एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ के इस कार्यक्रम को पूरा न करने वाले देशों के प्रति दुनिया में विश्वास को कम कर देगी। डार का कहना है कि पाकिस्तान में वित्तीय संकट नहीं है। पाकिस्तान डिफॉल्ट नहीं होगा। हालांकि, बाजार में अभी दहशत है। चूंकि, पाकिस्तानी रुपया अब 308 से बढ़कर 313 रुपए प्रति डॉलर हो गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने बताया कि 30 जून को आईएमएफ का लोन कार्यक्रम खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को दोबारा लागू करने का समय खत्म होने वाला है। पाकिस्तान का कहना है कि उन्हें अपनी अर्थव्यवस्था स्थिर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मोनेटरी फंड के 6.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर लोन की आवश्यकता है।
सिर्फ एक कार्यक्रम ही पूरा कर पाया पाकिस्तान
वित्त मंत्री डार ने क्षेत्रीय व्यापार निकाय के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि हम चाहते हैं कि आईएमएफ के दूसरे कार्यक्रम को कार्यक्रम को पाकिस्तान के इतिहास में पूरा करें। हालांकि, समय सीमित है, आईएमएफ का लोन कार्यक्रम 30 जून को खत्म हो जाएगा। डार ने बताया कि इस्लामाबाद ने जुलाई 2019 में 36 महीने के 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लोन सुविधा पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री मिफ्ताह के अनुरोध पर आईएमएफ ने नौ महीने के लिए कार्यक्रम को बढ़ा दिया और समय सीमा 30 जून 2023 कर दिया। साथ ही आईएमएफ ने राशि भी बढ़ाकर 6.5 बिलियन डॉलर कर दिया था। बता दें, पाकिस्तान ने 1958 से अब तक 22 आईएमएफ कार्यक्रमों के लिए हस्ताक्षर किए थे, लेकिन 2013-2016 सुविधा को छोड़कर एक भी कार्यक्रम पूरा नहीं कर पाया।
पाकिस्तानी बाजार में तनाव
एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमएफ के इस कार्यक्रम को पूरा न करने वाले देशों के प्रति दुनिया में विश्वास को कम कर देगी। डार का कहना है कि पाकिस्तान में वित्तीय संकट नहीं है। पाकिस्तान डिफॉल्ट नहीं होगा। हालांकि, बाजार में अभी दहशत है। चूंकि, पाकिस्तानी रुपया अब 308 से बढ़कर 313 रुपए प्रति डॉलर हो गया है। पाकिस्तान के रुपए की शक्ति गिरने के कारण पाकिस्तानी बाजार तनाव में है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में आए राजनीतिक खींचतान के कारण, समीक्षा को पूरा करने में गठबंधन सरकार विफल रही थी। इसके अलावा पाकिस्तान ने 10वीं-11वीं समीक्षाओं को पूरा करने में भी देरी की। डार ने शेखी बघारते हुए कहा कि हमने उन पंडितों को चौंका दिया, जिन्होंने पाकिस्तान के दिवालिया होने की भविष्यवाणी की थी।
तीन देशों में मदद करने का दिया आश्वासन
डार ने बताया कि वर्तमान की आर्थिक स्थिति के कारण व्यापारियों को होने वाली परेशानी के लिए वह उनसे माफी मांगते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्याओं के लिए अब का वित्त मंत्रालय बिल्कुल जिम्मेदार नहीं है। हालांकि, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब के साथ-साथ चीन ने पाकिस्तान की मदद करने के लिए आश्वासन दिया है। तीनों देशों की मदद से पाकिस्तान अपने आर्थिक समस्याओं से उभरने की कोशिश करेगा। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय ने शरीफ सरकार को आईएमएफ के साथ नए सौदे पर बातचीत करने की सलाह दी है।