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Pakistan Crisis: क्या पाकिस्तान का भी होने वाला है श्रीलंका जैसा हाल? महंगाई एक दशक के उच्चतम स्तर पर

Tue, 02 Aug 2022 05:55 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Tue, 02 Aug 2022 05:55 PM IST
सार

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ने देश में बिजली की दरों को बढ़ाने का एलान करते हुए कहा है कि देश में गरीबों को कोई परेशानी नहीं हो इसलिए बिजली की कीमतें एक साथ नहीं बढ़ाकर अलग-अलग चरणों में बढ़ाई गई। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल नवंबर से दाम फिर कम होने लगेंगे।

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Pakistan Crisis Is country going to be in the same condition as Sri Lanka? Inflation at a decade high
Pakistan Common Man - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका (Sri Lanka) की तरह हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) भी गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में महंगाई दर (Inflation Rate) पिछले एक दशक के उच्चतम स्तर पर है। देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें और बिजली के भाव भी आसमान छू रहे हैं। पाकिस्तान में जरूरी चीजों की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं। पड़ोसी देश में लोगों को एक सिलेंडर 3000 रुपये और एक लीटर पेट्रोल के  लिए 227 से 230 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।  खबरों के मुताबिक महंगाई की इस मार के बावजूद सरकार ने देश में बिजली की दरों को और बढ़ाने का फैसला लिया है। पाकिस्तान की सरकार की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब जब देश ऊर्जा संकट और हीटवेक की दोहरी मार झेलने को मजबूर है। 

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पाकिस्तान को अब आईएमएफ से मदद की उम्मीद, अमेरिका को खुश करने में जुटी पाक सेना  

पाकिस्तान में महंगाई की मार से परेशान लोग अब सड़कों पर पड़ पर भी उतर आए हैं। लाहौर से लेकर इस्लामाबाद और कराची से लेकर खैबर पख्तूनख्वा तक हर जगह महंगाई के खिलाफ लोग जुलूस निकाल कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। आर्थिक तंगी की दहलीज पर पहुंच चुके पाकिस्तान के पास अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मदद मिलने की ही उम्मीद बची है। आईएमएफ से मदद पाने के लिए पाकिस्तान अमेरिका को खुश करने में जुटा है। इस बीच, अलकायदा चीफ आयमान अल जवाहिरी की मौत के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर मुखबिरी का आरोप भी लग रहा है। पाकिस्तान के कुछ नाराज लोग मानते हैं कि आएमएफ की मदद के लिए पाक सेना प्रमुख ने जवाहिरी की मौत मामले में अमेरिका की मुखबिरी की। बता दें कि अमेरिका के डिप्टी विदेश मंत्री के साथ बाजवा की बातचीत होने के बाद ही जवाहिरी को अमेरिका ने मार गिराया है।

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बीते हफ्ते बिजली की दरें बढ़ाने का हुआ था एलान 

पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर (Energy Minister Khurram Dastgir) ने पिछले मंगलवार को बिजली दरों को बढ़ाने की घोषणा की है। सरकार की ओर से बिजली की दरों को 7.91 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। सरकार ने देश में तीन चरणों में बिजली की दरों को बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले चरण में 26 जुलाई से बिजली दरें 3.50 रुपये प्रति यूनिट तक बढ़ाई गईं हैं। फिर अगस्त में कीमतों में 3.50 रुपये प्रति यूनिट का इजाफा किया जाएगा। उसके बाद अक्टूबर महीने में 0.91 रुपये प्रति यूनिट की दर से कीमतें बढे़ेंगी। इस तरह तीन चरणों में बिजली की दरों में 7.91 रुपये प्रति यूनिट का इजाफा किया जाएगा। कीमतें बढ़ने से पाकिस्तान में बिजली की दरें 24.80 रुपये प्रति यूनिट हो जाएंगी। दर बढ़ने से पाक में बिजली भारत (India) से लगभग चार गुना तक महंगी हो जाएगी। भारत में बिजली की दरें फिलहाल अलग-अलग राज्यों में सात से आठ रुपये प्रति यूनिट है।   

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पाक सरकार का तर्क-गरीबी को देखते हुए अलग-अलग चरणों में बढ़ेगी कीमत 

पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री ने देश में बिजली की दरों को बढ़ाने का एलान करते हुए कहा है कि देश में गरीबों को कोई परेशानी नहीं हो इसलिए बिजली की कीमतें एक साथ नहीं बढ़ाकर अलग-अलग चरणों में बढ़ाई गई। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि इस साल नवंबर से दाम फिर कम होने लगेंगे। इसके साथ ही पाक सरकार ने लोगों को राहत देते हुए कहा है कि जिन लोगों की बिजली की खपत 100 यूनिट से कम होगी उन्हें नई दरों से भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब यह होगा कि जो लोग किफायत से बिजली खर्च करेंगे उन्हें बढ़ी हुई कीमतों का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। 

पाकिस्तान में पेट्रेल-डीजल भी है महंगा 

बता दें कि पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) ने जुलाई महीने की शुरुआत में ही डीजल और पेट्रोल की कीमतों को भी बढ़ाने का फैसला लिया था। सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल और केरोसिन पर पांच-पांच रुपये प्रति लीटर की दर से लेवी लगा दिया था। लेवी लगने के बाद  पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 248.74 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 276.54 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

पाकिस्तान में महंगाई का हाल भी बुरा है। पिछले महीने महंगाई की दर बढ़कर 21.3 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले एक दशक का सबसे उच्चतम स्तर है। महंगाई के कारण  आम आदमी का जीना मुहाल है। ऐसे में वहां के जमीनी हालात इस बात के संकेत  दे रहे हैं कि वहां भी हालात श्रीलंका की तरह हालात बिगड़ सकते हैं।



आपको बता दें कि पाकिस्तान में अभी हाल ही में सत्ता परिर्वतन हुआ है और इमरान खान के बाद नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में देश के सामने आर रही आर्थिक चुनौतियों से वे निपट पाते  हैं या उनका भी हाल श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे जैसा होता है, जिन्हे जनता के भारी विरोध के बाद देश छोड़ना पड़ा था।

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