IMF: राहत पैकेज की दूसरी खेप के लिए पाकिस्तान और आईएमएफ में बातचीत शुरू, 71 करोड़ डॉलर की राशि होनी है जारी
IMF: पाकिस्तान के कार्यवाहक वित्त मंत्री डॉ. शमशाद अख्तर और पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर ने जुलाई में शुरू हुई पहली तिमाही में पाकिस्तान के प्रदर्शन के आधार पर अगली किस्त पर चर्चा करने के लिए दो सप्ताह तक चली वार्ता के शुरुआती दौर में अपने पक्षों का नेतृत्व किया।
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नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने तीन अरब डॉलर के राहत पैकेज की 71 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त जारी करने के लिए बहुप्रतीक्षित ऋण समीक्षा वार्ता शुरू कर दी है। पाकिस्तान के कार्यवाहक वित्त मंत्री डॉ. शमशाद अख्तर और पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मिशन प्रमुख नाथन पोर्टर ने जुलाई में शुरू हुई पहली तिमाही में पाकिस्तान के प्रदर्शन के आधार पर अगली किस्त पर चर्चा करने के लिए दो सप्ताह तक चली वार्ता के शुरुआती दौर में अपने पक्षों का नेतृत्व किया।
बैठक के बाद वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पोर्टर ने पहली तिमाही के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की, जिसने अगले साल मार्च में पूरा होने वाले नौ महीने के बेलआउट पैकेज के तहत आने वाले सुधारों में गहरी छलांग लगाने के लिए मंच तैयार किया है।
मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार के प्रयासों और उठाए गए कदमों की सराहना की और देश की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इन प्रयासों को जारी रखने के महत्व को रेखांकित किया। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार के अनुसार, पोर्टर ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अगले आम चुनावों और विशेष निवेश सुविधा परिषद के कामकाज के बारे में पूछताछ की। ये दो सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन्होंने देश के राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित किया है।
गुरुवार को आईएमएफ-पाकिस्तान की बैठक के शुरुआती सत्र के कुछ घंटों बाद, यह घोषणा की गई कि पाकिस्तान के आम चुनाव 8 फरवरी को होंगे, जिससे नकदी संकट से जूझ रहे देश में बहुप्रतीक्षित चुनावों पर अनिश्चितता समाप्त हो गई। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की जिसके बाद यह घोषणा की गई। चुनाव की तारीख पर स्पष्टता वार्ता के दौरान वित्त मंत्रालय के हाथ मजबूत करेगी, हालांकि आईएमएफ ने स्पष्ट रूप से ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है।