Padma Bhushan: महज 28 साल की उम्र में संभाला कारोबार, जानें पद्म भूषण के लिए चुने गए कुमार मंगलम बिड़ला को
देश के दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला को पद्मभूषण सम्मान से नवाजा गया है। कुमार मंगलम बिड़ला बहुराष्ट्रीय कंपनी आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष हैं। यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक घराना है। कुमार मंगलम पीढ़ियों पुराने व्यावसायिक घराने में पैदा हुए। बचपन से ही अपने परिवार में उन्होंने सफल उद्यमी बनने के गुर सीखे। अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त करने और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनने के बाद उन्होंने लंदन से स्नातकोत्तर की डिग्री ली। जब वे महज 28 वर्ष के थे तो उनके पिता का अचानक निधन हो गया।
अचानक बहुत सारी व्यावसायिक जिम्मेदारियां उनके कंधे पर आ गईं। उन्होंने जिस समय आदित्य बिड़ला समूह को संभाला यह पहले से ही एक विशाल व्यापारिक समूह था जो वस्त्र, सीमेंट, एल्यूमीनियम और उर्वरकों के कारोबार से जुड़ा था। उनकी अनुभवहीनता पर उस दौर में सवाल उठाए गए पर उन्हाेंने चुनौतियों से हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपनी व्यावसायिक समझ से सभी को चुप करा दिया। उन्होंने नई व्यावसायिक नीतियों को प्रोत्साहित किया और उनके भावुक दृष्टिकोण ने संगठन के कामकाज में बदलाव को चिह्नित किया।
उनका जन्म 14 जून, 1967 को एक मारवाड़ी व्यापारी परिवार में आदित्य विक्रम बिड़ला और उनकी पत्नी राजश्री बिड़ला के घर हुआ था। उनकी एक बहन वसावदत्त है। वह बिड़ला परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य हैं और उन्होंने अपना अधिकांश बचपन मुंबई और कोलकाता में बिताया है। उनका पालन-पोषण एक उच्च दबाव वाले वातावरण में हुआ था जिसने उन्हें लगातार अपने परिवार के नाम, धन और इससे जुड़ी जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया।
अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने बॉम्बे विश्वविद्यालय से अपनी B.Com की डिग्री प्राप्त की। बाद में वह इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए। फिर वह आगे की पढ़ाई के लिए विदेश चले गए और लंदन बिजनेस स्कूल से एमबीए पूरा किया। उनकी शादी नीरजा कासलीवाल से हुई है जो एक पूर्णकालिक गृहिणी हैं। दंपति के तीन बच्चे हैं; दो बेटियां, अनन्याश्री और अद्वैतशा व एक बेटा आर्यमान विक्रम।