जमीन के बदले नौकरी : मनी लॉन्ड्रिंग में राबड़ी से पांच घंटे पूछताछ, 600 करोड़ रुपये की आय मामले में कार्रवाई
Land For Jobs: नौकरी के बदले जमीन मामले में सीबीआई ने बीते साल 18 मई को केस दर्ज किया था। 18 अक्टूबर को इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इस मामले में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
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बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (68) जमीन के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में पूछताछ के लिए यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं।
करीब पांच घंटे पूछताछ हुई
राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी से करीब पांच घंटे पूछताछ हुई। वह बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे ईडी कार्यालय पहुंचीं। एक घंटे के भोजनावकाश के बाद दो बजे से फिर सत्र में शामिल हुईं। उनके बयान धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किए गए। जांच एजेंसी ने 600 करोड़ रुपये की आय को लेकर पिछले कुछ माह में राबड़ी देवी के पुत्र एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और सांसद बेटी मीसा भारती व चंदा यादव और रागिनी यादव से पूछताछ की है। एजेंसी
सीबीआई ने बीते साल दर्ज किया था केस
बता दें कि नौकरी के बदले जमीन मामले में सीबीआई ने बीते साल 18 मई को केस दर्ज किया था। 18 अक्टूबर को इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इस मामले में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने इस मामले में भोला यादव को गिरफ्तार किया था, जो लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहते उनके ओएसडी थे। इस मामले में सीबीआई लालू यादव के बेटे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से भी तीन बार पूछताछ कर चुकी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी 68 वर्षीय राबड़ी देवी इस मामले में धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत अपना बयान दर्ज करा रही हैं। वहीं, लालू प्रसाद की बेटी सांसद बेटी मीसा भारती से भी हाल के दिनों में संघीय एजेंसी ने इस मामले में पूछताछ की है।
यह है मामला
नौकरी के बदले जमीन का यह मामला 14 साल पुराना है। आरोप हैं कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राबड़ी देवी के पति लालू यादव जब रेलमंत्री थे तो उन्होंने रेलवे में लोगों को नौकरी दिलाने के बदले उनसे जमीन ले ली थी। लालू यादव संयुक्त प्रजातांत्रिक गठबंधन-1 सरकार में 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। इस अवधि के दौरान भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन में समूह ‘डी’ के पदों पर नियुक्ति के बदले संबंधित व्यक्तियों ने अपनी जमीन लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों को हस्तांतरित की थी।