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8th Pay Commission: एक करोड़ सरकारी कर्मियों-पेंशनरों को 4 फीसदी मिलेगा डीए-डीआर, कब गठित होगा 8वां वेतन आयोग

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 23 Sep 2023 02:33 PM IST
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सार
8th Pay Commission: केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले साल 28 सितंबर को डीए की दरों में चार फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी। केंद्र सरकार के कर्मियों और पेंशनरों को दीवाली से पहले महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का तोहफा मिल गया था। वह भत्ता पहली जुलाई 2023 से जारी हुआ था। उस वक्त 34 प्रतिशत की दर से मिल रहा महंगाई भत्ता 38 प्रतिशत हो गया था। उसके बाद जनवरी 2023 से उक्त भत्ते में दोबारा से चार फीसदी की वृद्धि हो गई।
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One crore government employees/pensioners will get 4% DA/DR, when will the 8th Pay Commission be constituted?
डीए-डीआर में वृद्धि - फोटो : amarujala.com

विस्तार

केंद्र सरकार में लगभग एक करोड़ कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली जुलाई से 4 फीसदी डीए वृद्धि की सौगात मिलेगी। राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) स्टाफ साइड की बैठक में 'ओपीएस' का मुद्दा रखने वाले अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी.श्रीकुमार का कहना है कि इस बार कर्मियों का डीए 46 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता, जिसके चलते केंद्र सरकार, डीए में चार फीसदी की बढ़ोतरी न करे। कर्मचारी संगठनों को पूरी उम्मीद है कि सरकार, डीए की मौजूदा दर को 46 प्रतिशत पर ले जाएगी। इसके बाद जनवरी 2024 में जब चार फीसदी बढ़ोतरी के साथ, महंगाई भत्ता 50% होगा तो केंद्र सरकार के समक्ष, दमदार तरीके से 8वें वेतन आयोग के गठन का प्रस्ताव रखा जाएगा। सम्भव है कि केंद्रीय कैबिनेट की आगामी बैठक में डीए बढ़ोतरी की घोषणा हो जाएगी।



गत वर्ष दीवाली से पहले मिला था डीए/डीआर
बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले साल 28 सितंबर को डीए की दरों में चार फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी। केंद्र सरकार के कर्मियों और पेंशनरों को दीवाली से पहले महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का तोहफा मिल गया था। वह भत्ता पहली जुलाई 2023 से जारी हुआ था। उस वक्त 34 प्रतिशत की दर से मिल रहा महंगाई भत्ता 38 प्रतिशत हो गया था। उसके बाद जनवरी 2023 से उक्त भत्ते में दोबारा से चार फीसदी की वृद्धि हो गई। मौजूदा समय में महंगाई भत्ता, 42 प्रतिशत की दर से मिल रहा है। अगर जुलाई 2023 से बढ़ने वाले भत्ते में भी चार प्रतिशत की वृद्धि होती है और जनवरी 2024 में भी इसमें चार फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज होती है तो उस वक्त डीए वृद्धि का ग्राफ पचास फीसदी हो जाएगा। सातवें वित्त आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो बाकी के भत्ते भी स्वत: ही 25 प्रतिशत बढ़ जाएंगे। वेतन का ढांचा भी बदल जाएगा। 


'पे' रिवाइज के लिए दस साल का इंतजार जरुरी नहीं
सी. श्रीकुमार बताते हैं, संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा था कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की कोई योजना नहीं है। केंद्र सरकार इस संदर्भ में विचार नहीं कर रही। ये सरकार की मनमर्जी ही तो है। सातवें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्र में 'पे' रिवाइज हर दस साल में ही हो, यह जरुरी नहीं है। इस अवधि का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। यह पीरियोडिकल भी हो सकता है। हालांकि पे कमीशन ने इसकी कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी है कि कब और कितने समय बाद वेतन आयोग गठित होना चाहिए। कुछ माह बाद डीए 50 प्रतिशत के पार होने जा रहा है। ऐसे में नए डीए और एचआरए की संभावना बनना तय है। पिछला वेतन आयोग 2013 में गठित हुआ था। उसके तीन साल बाद आयोग की सिफारिशें लागू हुई। उस हिसाब से 2026 में वेतन रिवाइज होना चाहिए। इसके लिए 2023 में आयोग का गठन हो। संभव है कि केंद्र सरकार 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आठवें वेतन आयोग का गठन करे।
 
देश में प्रति व्यक्ति आय 111 प्रतिशत बढ़ी
संसद में इस मुद्दे पर जो सवाल जवाब हुए हैं, उनमें कहा गया है कि जनवरी 2016 से जनवरी 2023 के बीच में कर्मियों के वेतन और पेंशन में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान देश में प्रति व्यक्ति आय 111 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन में बताया था कि मुद्रा स्फीति के कारण वेतन और पेंशन के असली मूल्य में जो कटौती होती है, उसे पूरा करने के लिए डीए/डीआर दिया जाता है। अब डीए 42 प्रतिशत हो गया है। प्रति व्यक्ति आय तीन गुणा हो गई। इसके साथ वस्तुओं के दाम भी उसी अनुरुप में बढ़े हैं। मतलब, केंद्र सरकार के कर्मी कम वेतन पर काम कर रहे हैं। पिछले तीन वेतन आयोगों की तरफ से कहा गया है कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाए तो मुद्रा स्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए भविष्य में पे रिवाइज किया जाए। जनवरी 2024 में डीए 50 के पार हो जाएगा। अब सरकार कह रही है कि वेतन आयोग गठित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

जुलाई में सीपीआई की दर 7.44 प्रतिशत रही है
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2023 (अनंतिम) में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर महंगाई के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की दर 7.44 प्रतिशत रही है। जून 2023 (अंतिम) में संयुक्त सीपीआई दर 4.87 प्रतिशत थी। जुलाई 2022 में यही संयुक्त दर 6.71 प्रतिशत थी। जुलाई 2023 (अनंतिम) में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) की संयुक्त दर 11.51 थी, जबकि जून 2023 (अंतिम) में संयुक्त सीएफपीआई दर 4.55 प्रतिशत थी। जुलाई 2022 में संयुक्त सीएफपीआई दर 6.69 प्रतिशत थी। 

6.66 प्रतिशत रहा है सीएफपीआई मासिक बदलाव
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, सूचकांक के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर संयुक्त तौर पर जुलाई 2023 (अनंतिम) की सीपीआई दर 186.3 प्रतिशत रही है। जून 2023 (अंतिम) में संयुक्त सीपीआई दर 181.0 प्रतिशत थी। जुलाई 2022 में यही संयुक्त दर 173.4 प्रतिशत थी। जुलाई 2023 (अनंतिम) में उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) की संयुक्त दर 193.8 थी। जून 2023 (अंतिम) में संयुक्त सीएफपीआई दर 181.7 प्रतिशत थी। जुलाई 2022 में संयुक्त सीएफपीआई दर 173.8 प्रतिशत थी। जून 2023 की तुलना में जुलाई 2023 के अखिल भारतीय उपभोक्ता सीपीआई (सामान्य) और सीएफपीआई में मासिक परिवर्तन देखने को मिला है। सूचकांक के तहत सीपीआई (सामान्य) में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को मिलाकर संयुक्त तौर पर जुलाई 2023 (अनंतिम) और जून 2023 (अंतिम) में 2.93 फीसदी का बदलाव देखने को मिला है। इसी तरह सीएफपीआई का संयुक्त मासिक बदलाव 6.66 प्रतिशत रहा है।   

डीए में हुई 4 फीसदी बढ़ोतरी तो इतना होगा वेतन
अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18 हजार रुपये है तो 46 प्रतिशत महंगाई भत्ते के हिसाब से उसके वेतन में हर माह लगभग 720 रुपये बढ़ जाएंगे। यानी डीए की कुल राशि 8280 रुपये होगी। जिन कर्मियों का मूल वेतन 25 हजार रुपये है तो उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये का फायदा होगा। 46 प्रतिशत के हिसाब से उनका डीए 11500 रुपये हो जाएगा। जिस कर्मी की बेसिक सेलरी 35 हजार रुपये है तो उसे प्रतिमाह 1400 रुपये ज्यादा मिलेंगे। 46 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 16100 होगा। ऐसे कर्मी, जिन्हें 52 हजार रुपये की बेसिक सेलरी मिलती है, डीए बढ़ोतरी पर उन्हें हर माह 2080 रुपये से ज्यादा का लाभ होगा। 46 प्रतिशत के हिसाब से डीए राशि 23920 हो जाएगी। इसके अलावा 70 हजार रुपये की बेसिक सेलरी वाले कर्मचारी को लगभग 2800 रुपये का फायदा होगा। 46 प्रतिशत के हिसाब से डीए की राशि 32200 रुपये होगी। किसी कर्मचारी की सेलरी 85,500 रुपये है तो 46 प्रतिशत डीए के हिसाब से उसे 3420 रुपये का इजाफा होगा। 46 प्रतिशत के हिसाब से वह राशि 39330 रुपये हो जाएगी। डीए की दर 46 प्रतिशत होने के बाद एक लाख रुपये की बेसिक सेलरी वाले कर्मियों के खाते में हर माह 4000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। 46 प्रतिशत के हिसाब से डीए राशि 46000 रुपये हो जाएगी।

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