एक्सप्लेनर: ₹22,562 करोड़ का एनएसई आईपीओ खुला, बीएसई, सीडीएसएल और एमसीएक्स में तेजी; जानिए बाजार का हाल
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विस्तार
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का ₹22,562 करोड़ का आईपीओ गुरुवार को निवेशकों के सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। इस बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू की शुरुआत के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में 'कैपिटल मार्केट थीम' से जुड़े शेयरों में जबरदस्त खरीदारी दिखी।
पहले दिन की बोली में अब तक 23% सब्सक्रिप्शन प्राप्त हो चुका है। बीएसई के दोपहर 12:01 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ के लिए 8,86,42,911 शेयरों के मुकाबले 2,04,26,752 शेयरों की बोलियां प्राप्त हुईं।
आईपीओ के खुलने के बाद बाजार में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी संस्थाओं, डिपॉजिटरीज, ब्रोकरेज फर्मों और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, क्योंकि निवेशक एनएसई के विशाल पैमाने और मजबूत संस्थागत मांग के आधार पर पूरे सेक्टर के वैल्यूएशन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।
कैपिटल मार्केट इंडेक्स का क्या हाल रहा?
एनएसई के आईपीओ के खुलते ही निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स में 1% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 5,275.30 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। इस सूचकांक के 17 में से 14 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बाजार इंफ्रास्ट्रक्चर और डिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म से जुड़े अग्रणी शेयरों में विशेष खरीदारी देखी गई।
कारोबार के दौरान प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
- सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (CDSL): सीडीएसएल का शेयर 3.77% की बढ़त के साथ ₹1,348.00 प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया।
- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX): एमसीएक्स के शेयर में 2.27% का उछाल दर्ज किया गया और यह ₹3,284 पर कारोबार कर रहा था।
- बीएसई लिमिटेड (BSE): देश के दूसरे प्रमुख एक्सचेंज बीएसई का शेयर 1.21% से अधिक बढ़कर ₹3,279.30 पर ट्रेड कर रहा था।
- एसेट मैनेजमेंट व अन्य कंपनियां: कंप्यूटर एज मैनेजमेंट सर्विसेज (CAMS) का शेयर 1.27% बढ़कर ₹714.65 और एचडीएफसी एएमसी (HDFC AMC) का शेयर 1% की बढ़त के साथ ₹2,397.10 पर कारोबार कर रहा था।
एनएसई के आईपीओ साइज और एंकर बुक का रिस्पांस कैसा रहा?
₹22,562 करोड़ का यह विशाल आईपीओ भारत के संपूर्ण पूंजी बाजार इकोसिस्टम को वैश्विक निवेशकों के केंद्र बिंदु में ले आया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक पहले एनएसई ने एंकर निवेशकों से ₹6,746 करोड़ का भारी फंड जुटाया, जिसमें 150 से अधिक दिग्गज संस्थागत निवेशक शामिल हुए। एंकर आवंटन में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की हिस्सेदारी 43% रही, जो भारतीय बाजार संरचना में अंतरराष्ट्रीय फंडों के विश्वास को दर्शाती है। सब्सक्रिप्शन के पहले दिन शुरुआती रुझानों में यह इश्यू कुल 21% और रिटेल हिस्से में 23% बुक हो चुका था। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को बाजार में लिस्ट होने की संभावना है।
शेयरों में तेजी के पीछे की मुख्य वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में आई यह तेजी किसी व्यक्तिगत कंपनी के तात्कालिक वित्तीय नतीजों में बदलाव के कारण नहीं, बल्कि पूरे 'कैपिटल मार्केट्स थीम' में आए सकारात्मक सेंटिमेंट का परिणाम है।
बीएसई और सीडीएसएल जैसी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए एनएसई का आईपीओ एक सीधा तुलनात्मक मानक (direct read-across) प्रदान करता है। निवेशक एनएसई के विशाल वित्तीय पैमाने और लाभप्रदता के आलोक में लिस्टेड एक्सचेंज और डिपॉजिटरी प्लेटफॉर्म्स के मौजूदा वैल्यूएशन को फिर से आंक रहे हैं। वहीं ब्रोकिंग फर्मों और फंड हाउसों के लिए यह माना जा रहा है कि इतने बड़े और हाई-प्रोफाइल आईपीओ से बाजार में नए रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी, डीमैट खातों की संख्या में इजाफा होगा और ट्रेडिंग गतिविधियों में तेजी आएगी, जिसका फायदा पूरे इकोसिस्टम को मिलेगा।
पूंजी बाजार और निवेशकों के लिए आगे का दृष्टिकोण क्या है?
एनएसई आईपीओ की शुरुआत ने भारत में रिटेल भागीदारी के बढ़ते प्रभाव, डीमैट खातों के निरंतर विस्तार और वित्तीय संपत्तियों की ओर पूंजी के प्रवाह को रेखांकित किया है। यद्यपि अल्पकालिक स्तर पर शेयरों की चाल मुख्य रूप से थीम-आधारित धारणा पर निर्भर है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से भारत के विस्तार लेते मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ पूरे सेक्टर को मिलना तय माना जा रहा है। 24 सितंबर को संभावित मार्केट डेब्यू के साथ ही भारतीय पूंजी बाजार के एक नए अध्याय में प्रवेश करने की उम्मीद है।