{"_id":"623f0b1f5799b736997f89dd","slug":"nse-co-location-case-delhi-court-seeks-cbi-response-on-chitra-ramkrishna-bail-plea-by-april-8","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएसई को-लोकेशन मामला: चित्रा रामकृष्ण की जमानत पर अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब, दो हफ्ते में रखना होगा पक्ष","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
एनएसई को-लोकेशन मामला: चित्रा रामकृष्ण की जमानत पर अदालत ने सीबीआई से मांगा जवाब, दो हफ्ते में रखना होगा पक्ष
Sat, 26 Mar 2022 06:17 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Sat, 26 Mar 2022 06:17 PM IST
सार
दिल्ली की एक अदालत के विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने एनएसई को-लोकेशन मामले में गिरफ्तार की गईं एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच एजेंसी को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया कि इस मामले में हर हाल में आठ अप्रैल तक अपना पक्ष रखे।
विज्ञापन
Chitra Ramkrishna, Former CEO and MD of NSE
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एनएसई को-लोकेशन मामले में दिल्ली की एक अदालत ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा है। सीबीआई को दो हफ्तों में अपना पक्ष रखना होगा।
विज्ञापन
आठ अप्रैल तक रखना होगा पक्ष
विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने इस मामले में गिरफ्तार की गईं एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा की तरफ से दायर की गई जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच एजेंसी को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिय कि इस मामले में हर हाल में आठ अप्रैल तक अपना पक्ष रखे। बता दें कि एनएसई के समूह परिचालन अधिकारी रहे और कथित 'हिमालयी योगी' आनंद सुब्रमण्यन की जमानत अर्जी को भी अदालत ने बीते गुरुवार को खारिज कर दिया था।
विज्ञापन
याचिका में यह दावा किया गया
शुक्रवार को दायर की गई चित्रा रामकृष्ण की जमानत याचिका में दावा किया गया है कि अब मामले की पूछताछ के लिए चित्रा की जरूरत नहीं रह गई है लिहाजा उन्हें हिरासत में रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होगा। गौरतलब है कि सीबीआई ने चित्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो जाने के बाद को-लोकेशन मामले में चित्रा को गिरफ्तार किया है। अब इस मामले पर अदालत ने सीबीआई से जवाब-तलब किया है।
विज्ञापन
चित्रा रामकृष्ण पर हैं गंभीर आरोप
एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण पर भी कई गंभीर आरोप हैं। चित्रा रामकृष्ण अप्रैल 2013 से दिसंबर 2016 तक एनएसई की एमडी और सीईओ थी। गौरतलब है कि चित्रा पर हिमालयन योगी के इशारे पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का संचालन करने और संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। सीबीआई ने इस पूरे मामले में चित्रा रामकृष्ण को बीती छह मार्च को मुंबई से गिरफ्तार किया था। चित्रा को आनंद सुब्रमण्यन की नियुक्ति में अनियमितता बरतने और कथित हिमालय के योगी को संवेदनशील जानकारी देने और उसके इशारों पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
क्या है को-लोकेशन स्कैम?
एनएसई को-लोकेशन मामले में प्राथमिकी साल 2018 में दर्ज की गई थी। दरअसलल, शेयर खरीद-बिक्री के केंद्र देश के प्रमुख नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कुछ ब्रोकरों को ऐसी सुविधा दे दी गई थी, जिससे उन्हें बाकी के मुकाबले शेयरों की कीमतों की जानकारी कुछ पहले मिल जाती थी। इसका लाभ उठाकर वे भारी मुनाफा कमा रहे थे। इससे संभवत: एनएसई के डिम्यूचुलाइजेशन और पारदर्शिता आधारित ढांचे का उल्लंघन हो रहा था। धांधली करके अंदरूनी सूत्रों की मदद से उन्हें सर्वर को को-लोकेट करके सीधा एक्सेस दिया गया था। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड को इस संबंध में एक अज्ञात सूचना मिली। इसमें आरोप लगाया गया था कि एनएसई के अधिकारियों की मदद से कुछ ब्रोकर पहले ही जानकारी मिलने का लाभ उठा रहे हैं। एनएससी में खरीद-बिक्री तेजी को देखते हुए घपले की रकम पांच साल में 50,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।