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रिपोर्ट: महंगाई से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं, अप्रैल में 18 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचने के आसार
Tue, 10 May 2022 11:37 AM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Tue, 10 May 2022 11:37 AM IST
सार
Nomura Report On Inflation In India: रिसर्च फर्म नोमुरा की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की हेडलाइन मुद्रास्फीति में आधारभूत मुद्रास्फीति का हिस्सा 88 फीसदी है, जो कि एशिया में सबसे उच्च स्तरों में एक है। इसे काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
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महंगाई की मार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश में महंगाई पहले से ही निर्धारित अनुमान से ऊपर है और आम जनता इससे बेहाल है, लेकिन यह बोझ हाल-फिलहाल कम होता नजर नहीं आ रहा है। रिसर्च फर्म नोमुरा की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मुद्रास्फीति अपने उच्च स्तर पर है और आने वाले समय में यह और बढ़ने वाली है।
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सरकार को उठाने होंगे सख्त कदम
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे उच्च महंगाई की मार झेल रहीं अर्थवयवस्थाओं में चार देशों के नाम सबसे ऊपर हैं। इनमें भारत भी शामिल है। इसके अलावा, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और ताइवान में भी मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस लिस्ट में शामिल देशों को महंगाई काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इन अर्थव्यवस्थाओं में आधारभूत मुद्रास्फीति तय दायरे के ऊपर है।
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विशेषज्ञों ने जताया ये अनुमान
पिछले कुछ महीनों से भरत में हेडलाइन खुदरा मुद्रास्फीति लगातार बढ़ रही है और इसे नियंत्रित करने के लिए ही भारती रिजर्व बैंक आरबीअआई ने हाल ही में आनन-फानन में एमपीसी की बैठक कर नीतिगत दरों में 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया। इस बढ़ोतरी के बाद 20 मई 2020 से चार फीसदी पर स्थित रेपो दर बढ़कर 4.40 फीसदी हो गई। रिपोर्ट में विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में देश में महंगाई अभी और भी बढ़ सकती है।
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7.5 फीसदी पर पहुंच सकती है CPI
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की हेडलाइन मुद्रास्फीति में आधारभूत मुद्रास्फीति का हिस्सा 88 फीसदी है, जो कि एशिया में सबसे उच्च स्तरों में एक है। इसके अलावा एक पोल के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अप्रैल महीने में देश की खुदरा महंगाई 18 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है। इसका बड़ा कारण ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों आई तेजी है। 5 से 9 मई के बीच कराए गए इस पोल के मुताबिक, देश में खुदरा महंगाई (CPI) अप्रैल महीने में 7.5 फीसदी पर पहुंच सकती है, जो मार्च में 6.95 फीसदी पर रही थी। बता दें कि खुदरा महंगाई के आंकड़े 12 मई को जारी किए जा सकते हैं।