{"_id":"683a68059406cd82c0005bb8","slug":"niti-aayog-ceo-bvr-subramaniam-says-changes-in-manufacturing-sector-necessary-to-get-people-out-of-agriculture-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"NITI Aayog: भारत में संपूर्ण कौशल परिदृश्य के पुनर्गठन पर विचार, CEO बोले- विनिर्माण क्षेत्र में बदलाव जरूरी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
NITI Aayog: भारत में संपूर्ण कौशल परिदृश्य के पुनर्गठन पर विचार, CEO बोले- विनिर्माण क्षेत्र में बदलाव जरूरी
Sat, 31 May 2025 07:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 31 May 2025 07:53 AM IST
सार
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने दावा किया कि जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा 17 फीसदी है। आज दुनिया में अनिश्चितता ने भारत के लिए बहुत बड़े अवसर पैदा किए हैं। हमें जीतने वाले क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है।
विज्ञापन
बीवीआर सुब्रमण्यम, सीईओ, नीति आयोग
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने और लोगों को कृषि से बाहर निकालने के लिए विनिर्माण क्षेत्र में बदलाव जरूरी है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) में उन्होंने कहा, नीति आयोग भारत में संपूर्ण कौशल परिदृश्य के पुनर्गठन पर विचार कर रहा है।
विज्ञापन
आर्थिक सर्वे 2023-24 के अनुसार, भारतीय कृषि 42.3 फीसदी आबादी को आजीविका प्रदान करता है। वर्तमान मूल्यों पर देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 18.2 फीसदी है। सुब्रमण्यम ने कहा, वर्तमान में भारत में 90 फीसदी विनिर्माण गतिविधियां 5-6 राज्यों में ही हो रही हैं। चीन ने खुद को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं के केंद्र में रखा है। भारत को भी इसका केंद्र बनना चाहिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Forex Reserves: देश के विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा; 6.992 अरब डॉलर बढ़कर 692.721 अरब डॉलर पर पहुंचा रिजर्व
विज्ञापन
- सुब्रमण्यम ने दावा किया कि जीडीपी में विनिर्माण का हिस्सा 17 फीसदी है। आज दुनिया में अनिश्चितता ने भारत के लिए बहुत बड़े अवसर पैदा किए हैं। हमें जीतने वाले क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत है।
- राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन के पास एक व्यापक निकाय होगा, जिसके पास भारत में विनिर्माण को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए निर्देश देने, नियंत्रण करने और सुनिश्चित करने की शक्ति होगी। हम इसके अंतिम चरण में हैं, संभवतः एक महीने के भीतर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
ये भी पढ़ें: Insurance: इंश्योरेंस एजेंट चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान, कभी नहीं खाएंगे धोखा