जैसे मधुमक्खी निकालती है शहद, वैसे ही आयकर अधिकारी करें टैक्स वसूलीः वित्त मंत्री
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर अधिकारियों से टैक्स वसूली करने के लिए मधुमक्खियों की तरह काम करने की सलाह दी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टैक्स वसूली के लिए कई तरह के रास्ते हैं, जिनमें से मधुमक्खी वाला रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
करदाता को न मिले सजा
आयकर दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्स वसूलने के साथ ही सही करदाता को सजा न मिले। बल्कि जिस तरह बिना फूल को नुकसान पहुंचाए मधुमक्खी शहद निकाल लेती है, उसी तरह टैक्स इकट्ठा करने के लिए रास्ता निकालना चाहिए।
सिस्टम से खेलने वालों पर पैनी नजर
वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग विभाग को समय पर टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। ऐसे लोगों के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीका या फिर डेटा माइनिंग तरीका अपनाने से परहेज नहीं करना चाहिए। मैं आपके साथ हूं यदि आप सच में ऐसे लोगों पर सख्ती रखना चाहते हैं। अगर आप सिस्टम के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों पर नकेल कसवाना चाहते हैं, तो मैं पूरी तरह आपके साथ हूं।
टैक्स देना सजा नहीं
वित्त मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि करदाताओं को कर भुगतान को सजा के रूप में नहीं बल्कि उनकी तरफ से देश निर्माण में दिए जाने वाले योगदान के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने कर चोरी करने वालों को पकड़ने के लिए राजस्व विभाग की तीनों जांच इकाइयों से आपस में सूचनाओं को साझा करने को भी कहा।
करोड़पतियों पर ज्यादा टैक्स लगाना जरूरी
अधिक कमाई करने वाले व्यक्तियों पर ऊंची दर से कर लगाने को उचित ठहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह सजा के तौर पर नहीं लिया जाता है बल्कि इसके पीछे सोच यह है कि जो अधिक कमाते हैं, वे देश निर्माण में अधिक योगदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम अधिक कमाई करने वालों को दंडित नहीं कर रहे। हम आय या संसाधन का बेहतर वितरण करना चाहते हैं और इसके लिए कर संग्रह की जरूरत है।’ सीतारमण ने कहा, ‘देश अधिक कर लेता है क्योंकि हम उन लोगों के बीच इसका वितरण करना चाहते हैं जो अपने लिए उस तरह से कमाई करने में असमर्थ हैं।’