110 अरब की संपत्ति का मालिक था पीएनबी घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी
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49 वर्षीय नीरव मोदी दुनिया की डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखता है। तीसरी पीढ़ी का यह कारोबारी कभी ज्वेलरी डिजाइनर नहीं बनना चाहता था।
संगीत में थी नाम कमाने की इच्छा
नीरव मोदी की संगीत में नाम कमाने की इच्छा थी क्योंकि उसे लगता था कि इसके जरिए लोगों को अंदर बदलाव लाया जा सकता है। लेकिन एक दोस्त के कहने पर उसने पहली ज्वेलरी डिजाइन की और उसकी खुशी देखकर उन्हें इसी काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली।पहली ज्वेलरी बनाने के लिए गया था मॉस्को
उस दोस्त के कहने पर उन्होंने जो पहली इयरिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में कई शहरों में भटका था और खोज पूरी हुई मॉस्को में। उन हीरों को देखकर उसके दोस्त की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यहीं से उसके हीरा कारोबारी और डिजाइनर बनने की कहानी शुरू हुई। घोटाला करने और भगोड़ा घोषित होने से पहले वे उस एकमात्र भारतीय ज्वेलरी ब्रांड का मालिक था जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित था।
हॉलीवुड में थी मांग
उनके डिजाइन किए गए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देशी धनकुबेरों की पत्नियों के शरीर की शोभा बढ़ाते थे। उसके द्वारा डिजाइन किया गया गोलकोंडा नेकलेस 2010 में हुई नीलामी में 16.29 करोड़ में बिका था, जबकि 2014 में एक नेकलेस 50 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था।
फोर्ब्स सूची में आया था नाम
अमेरिका के मशहूर वार्टन स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले नीरव मोदी के नाम से उनका ज्वेलरी ब्रांड इतना मशहूर था कि उसके दम पर वे फोर्ब्स की भारतीय धनकुबेरों की 2017 की सूची में 85वें नंबर पर मौजूद था। उसकी घोटाले से पहले हैसियत 1.73 अरब डॉलर (लगभग 110 अरब रुपये) था और उनकी कंपनी का राजस्व 2.3 अरब डॉलर (लगभग 149 अरब रुपये) था।
नीरव ने अपने नाम से ज्वेलरी ब्रांड की स्थापना 2010 में की थी। दिल्ली, न्यूयार्क, मुंबई, लंदन और हांगकांग सहित पूरी दुनिया में उनके 16 ज्वेलरी स्टोर थे। वर्ष 2015 तक वे 100 स्टोर खोलना चाहते ।