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London: नीरव मोदी को सता रहा भारत प्रत्यर्पण के बाद यातनाओं का डर, कोर्ट में याचिका दाखिल कर लगाई यह गुहार
Sat, 04 Oct 2025 02:56 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Sat, 04 Oct 2025 02:56 PM IST
सार
Nirav Modi: नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने के लिए वेस्टमिंस्टर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में नीरव मोदी ने दलील दी है कि यदि उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया तो विभिन्न एजेंसियां उनसे पूछताछ करेंगी। इस कारण उन्हें यातनाएं दी जा सकती हैं।
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नीरव मोदी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लंदन की एक अदालत 23 नवंबर को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की एक याचिका पर सुनवाई करेगी। पीएनबी घोटाले के आरोपी मोदी ने अपने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने की मांग की है। नीरव मोदी ने इस आधार पर याचिका दायर की है कि अगर उसे भारत वापस लाया गया तो एजेंसियों की ओर से उससे पूछताछ की जा सकती है। उसने अदालत से इस आशंका को देखते हुए मामले को फिर से खोलकर उस पर सुनवाई करने को कहा है।
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नीरव मोदी सुप्रीम कोर्ट तक अपनी सभी कानूनी अपीलें दायर कर चुके हैं। अब उन्होंने प्रत्यर्पण के मुकदमे को फिर से खोलने के लिए वेस्टमिंस्टर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में नीरव मोदी ने दलील दी है कि यदि उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया गया तो विभिन्न एजेंसियां उनसे पूछताछ करेंगी। इस कारण उन्हें यातनाएं दी जा सकती हैं।
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जानकारों के अनुसार इस इस मामले में जांच कर रही एजेंसियां अदालत को अपना पुराना आश्वासन दोहरा सकती हैं कि प्रत्यर्पित किए जाने पर मोदी पर भारतीय कानूनों के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा और एजेंसियों की ओर से उससे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी।
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घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, "हमने मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। अभी उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है। हमारी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा। अगर ब्रिटेन की अदालत हमसे कहती है, तो हम अपना आश्वासन दोहरा सकते हैं कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है, तो उनसे कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। हमने पहले भी ऐसा आश्वासन दिया है।"
मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी से जारी सैकड़ों लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स के जरिए 6,498 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने का आरोप है। उनके खिलाफा मामलों पर काम कर रही सभी जांच एजेंसियां इस बात पर एकमत हैं कि उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है।
भारत ने पहले ही ब्रिटेन को बता दिया है कि मोदी को मुंबई के आर्थर रोड जेल की बैरक 12 में रखा जाएगा। वहां किसी भी तरह की हिंसा, भीड़भाड़, दुर्व्यवहार का कोई खतरा नहीं है और वहां चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है। एजेंसियों ने ब्रिटेन को आश्वासन दिया है कि उन पर भारतीय कानूनों के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा और कोई नया आरोप नहीं लगाया जाएगा।
कभी भारतीय आभूषण उद्योग की जानी-मानी हस्ती रहे 54 वर्षीय हीरा व्यापारी नीरव मोदी को 19 मार्च, 2019 को प्रत्यर्पण वारंट पर गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल ने अप्रैल 2021 में उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया था। वह लगभग छह साल से लंदन की जेल में है।