तीन मई से चल सकती है दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस, यह होगा संभावित रूट
भारतीय रेलवे दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस (टी-18) को मई के पहले हफ्ते में चला सकता है। इसके लिए रूट भी संभवतः तय हो गया है। हालांकि दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में कई तरह के बदलाव भी किए गए हैं, जिससे यात्रियों की यात्रा ज्यादा सुगम हो सकती है।
तीन मई से दौड़ेगा नया रैक
वंदे भारत एक्सप्रेस का नया रैक तीन मई से पटरियों पर दौड़ने लगेगा। इसके लिए नई दिल्ली-हबीबगंज शताब्दी एक्सप्रेस की जगह चलाया जा सकता है। एक अधिकारी ने कहा कि ट्रेन 18 की पहली रैक प्रोटोटाइप थी। फीडबैक के बाद इसमें बदलाव किए जा रहे हैं।
किए जा रहे हैं यह बदलाव
फीडबैक के मुताबिक रेलवे दूसरे रेक के प्रत्येक कोच में पैंट्री के लिए ज्यादा जगह देगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यह ज्यादा लंबा सफर तय करती है, जिससे यात्रियों को दो बार खाना देना होता है और इसके लिए ज्यादा जगह चाहिए होती है।
पत्थरबाजों से निपटने की व्यवस्था
इस नए रेक में पत्थरबाजों से भी निपटने की पूरी व्यवस्था है। दिल्ली-वाराणसी रूट पर चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अब कांच को टूटने से बचाने के लिए विशेष तरह के फ्रेम लगाए जाएंगे। इससे पत्थर मारने पर भी शीशे टूटेगे नहीं और यात्री भी सुरक्षित रहेंगे।
आईसीएफ को मिला था यह लक्ष्य
केंद्र सरकार ने आईसीएफ को इस साल 10 वंदे भारत एक्सप्रेस बनाने का लक्ष्य दिया था। हालांकि इस साल मात्र तीन रैक बनने की ही उम्मीद है। तीसरा रैक अक्टूबर और चौथा दिसंबर में मिलेगा। इसके बाद एक फरवरी 2020 में आएगा।
अभी यह है रूट
दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 8 घंटे का समय लेती है। ये सुबह 6 बजे नई दिल्ली से निकलती है और दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंच जाती है। उसी दिन दोपहर 3 बजे ये ट्रेन वाराणसी से निकलती है और रात 11 बजे दिल्ली पहुंच जाती है। ट्रेन प्रयागराज और कानपुर स्टेशन पर रूकती है। एसी चेयरकार का किराया 1755 रुपये और एक्जिक्यूटिव चेयर कार का किराया 3300 रुपये है।