पीएम जीवन ज्योति बीमा: 18.5 करोड़ से अधिक भारतीयों को मिली बीमा की ताकत, संभावित शोषण से मिली जरूरी सुरक्षा
वित्तीय सुरक्षा नेट के रूप में शुरू हुई यह योजना गरिमा, साहस और आशा की नींव बन गई है। इन 10 वर्षों में पीएमजेजेबीवाई ने 18.5 करोड़ से अधिक भारतीयों को बीमा की सुरक्षा और ताकत दी। योजना के माध्यम से 17,200 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटान किया गया है। इसने परिवारों को उस समय राहत पहुंचाई, जब वे अपने सबसे बुरे दौर में थे।
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प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के जरिये 10 वर्षों में भारतीयों की महत्वाकांक्षाओं को भारी प्रोत्साहन मिला है। एक दशक पहले इस दूरदर्शी योजना को हर भारतीय के लिए जीवन बीमा को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाने के एक सरल एवं शक्तिशाली मिशन के साथ लॉन्च किया गया था। आज, हम न सिर्फ उस नीति को देखते हैं, जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है, बल्कि एक ऐसे मूवमेंट को भी देखते हैं, जिसने लाखों भारतीयों के जीवन को बदल दिया है।
वित्तीय सुरक्षा नेट के रूप में शुरू हुई यह योजना गरिमा, साहस और आशा की नींव बन गई है। इन 10 वर्षों में पीएमजेजेबीवाई ने 18.5 करोड़ से अधिक भारतीयों को बीमा की सुरक्षा और ताकत दी। योजना के माध्यम से 17,200 करोड़ रुपये से अधिक के दावों का निपटान किया गया है। इसने परिवारों को उस समय राहत पहुंचाई, जब वे अपने सबसे बुरे दौर में थे। सिर्फ 436 रुपये प्रति वर्ष में यह योजना 2 लाख रुपये का जीवन बीमा प्रदान करती है। यह ऐसी जीवन रेखा है, जिसने अनगिनत परिवारों को सहूलियत और निरंतरता प्रदान की है।
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परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ बड़े सपने देखने की उम्मीदों को लगे पंख
जब लोगों को पता चलता है कि उनके परिवार सुरक्षित हैं, तो वे कर्ज लेने, छोटा व्यवसाय शुरू करने, बच्चे को शिक्षित करने या अवसर की तलाश में नए शहर में जाने जैसे बड़े सपने देखने के लिए सशक्त होते हैं। यही वित्तीय सुरक्षा का असली उपहार है, जो यह न सिर्फ जीवन की रक्षा करता है, बल्कि संभावनाओं को भी बढ़ाता है।
- भारत में एक बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जहां बीमा आजीविका की सुरक्षा और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक निश्चित आय के स्तरों में अनिश्चितता, असंगठित क्षेत्र में रोजगार, स्वास्थ्य जांच की सुविधा आदि कुछ ऐसे कारण थे, जिनकी वजह से इन क्षेत्रों में बीमा जागरूकता सीमित थी। योजना की खासियत है कि यह सरल, निर्बाध और सुलभ है। बचत खाते से जुड़ी ऑटो-डेबिट सुविधा और न्यूनतम दस्तावेजों के साथ योजना ने उन बाधाओं को दूर कर दिया है, जो पारंपरिक रूप से बीमा को लाखों लोगों की पहुंच से दूर रखती थी।
2.50 लाख से ज्यादा पंचायतों के सदस्य जुड़े बदल रहा ग्रामीण भारत में बीमा का परिदृश्य
बेहद प्रभावशाली पीएमजेजेबीवाई के जरिये देश के हर कोने में जागरूकता काफी बढ़ गई है। आज, इस योजना में विभिन्न राज्यों की 2.50 लाख से ज्यादा ग्राम पंचायतों के सदस्य शामिल हैं, जो वंचित आबादी को जरूरी वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराकर ग्रामीण भारत के बीमा परिदृश्य को बदलने में मदद कर रही है। साथ ही, बीमा की सुलभता बढ़ाने के लिए रणनीतिक खाका प्रदान कर रही है।
महिलाओं के बीमा कवरेज में सुधार
इस योजना के कारण एक और बड़ा बदलाव यह हुआ है कि महिलाओं के जीवन बीमा कवरेज में सुधार हुआ है। इस योजना ने ग्रामीण भारत की बढ़ती मांगों और महिला आबादी के कवरेज की जरूरतों को पूरा किया है। देश की आर्थिक गतिविधियों में उनका योगदान महत्वपूर्ण है और हर साल बढ़ रहा है। इस योजना ने वित्तीय समावेशन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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संभावित शोषण से मिली जरूरी सुरक्षा
अमित झिंगरन बताते हैं, बैंक के सर्किल हेड के रूप में मैंने ग्रामीणों के बीच बैंकिंग और वित्तीय उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए संध्या शिविर नामक ग्रामीण आउटरीच कार्यक्रम में भाग लिया था। शिविरों में, मैंने उन परिवारों की दुर्दशा देखी, जिन्होंने एकमात्र कमाने वाले को खो दिया। लेकिन, पीएमजेजेबीवाई दावा राशि के सुनिश्चित वित्तीय समर्थन से उन परिवारों को उम्मीद और संभावित शोषण से जरूरी सुरक्षा मिली।
- हम सुनिश्चित करें कि हर पात्र नागरिक पीएमजेजेबीवाई के बारे में जाने और इसके महत्व को समझे। हर गांव, हर घर, हर कामगार तक पहुंचकर याद दिलाएं कि बीमा सुरक्षा उनका अधिकार है।
पूंजी की जरूरत कम करने से सरकार के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में मिली मदद
पीएमजेजेबीवाई में बीमा कंपनियों की अधिक भागीदारी को सुगम बनाने के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने योजना की पेशकश करने वाली कंपनियों के लिए पूंजी की जरूरत को कम कर दिया। इससे भारत में जीवन बीमा तक पहुंच में तेजी आई है। साथ ही, सरकार की तरफ से निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में जीवन बीमा कंपनियों को काफी सहायता मिली है।
पोर्टल से आसान हुई पूरी प्रक्रिया
नामांकन व दावों के भुगतान के लिए जन सुरक्षा-डिजिटल एंड-टु-एंड पोर्टल ने पूरी प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इसकी मदद से पॉलिसी जारी करने और दावा प्रेषण में सुविधा मिली है। प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर एवं स्थानीय अधिकारियों, बैंकों और बीमा उद्योग के साथ सहयोग बढ़ाकर यह पोर्टल हितधारकों के लिए प्रदर्शन की समीक्षा करने के उद्देश्य से एक सहज और रियल टाइम डैशबोर्ड बना रहा है।